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उम्र से पहले चमक खोकर सफेद हो रहे बाल, बच्चों और युवाओं में बढ़ रही “प्री मैच्योर ग्रेइंग”

कामकाज की व्यस्तता, शरीर में विटामिन्स की कमी, पढ़ाई-नौकरी का तनाव, जंक फूड सेवन, सेहत की अनदेखी और बिगड़ी जीवन शैली से बच्चे और युवा कम उम्र में ही बाल सफेद होने (प्री मैच्योर ग्रेइंग) का शिकार बन रहे हैं।

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कामकाज की व्यस्तता, शरीर में विटामिन्स की कमी, पढ़ाई-नौकरी का तनाव, जंक फूड सेवन, सेहत की अनदेखी और बिगड़ी जीवन शैली से बच्चे और युवा कम उम्र में ही बाल सफेद होने (प्री मैच्योर ग्रेइंग) का शिकार बन रहे हैं। राजधानी में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। नेशनल सेंटर फॉर बायो टैक्नोलॉजी इंफोर्मेशन (एनसीबीई) के एक शोध के अनुसार 17 से 22 आयु वर्ग के करीब 43-44 प्रतिशत किशोर-किशोरयों और युवाओं में यह समस्या है। चिकित्सकों के अनुसार बालों को सही मात्रा में पौष्टिक तत्व, मिनरल्स नहीं मिलने से यह समस्या हो रही है।


ऐसे केस आ रहे है सामने

लंबे समय से प्रीमैच्योर ग्रेइंग से पीड़ित हूं। रात को पढ़ाई के समय जंक फ़ूड का सेवन ज्यादा करती थी। जिससे बाल सफेद होने शुरू हो गए। अभी जीवन शैली सुधार रही हूं। हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन शुरू किया है और बाहरी खाने और जंक फूड से दूरी बना रही हूं।
18 वर्षीय छात्रा, निवासी, मालवीय नगर

बाल सफेद होने के कारण

- तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन (कोर्टिसोल) शरीर में बढ़ने पर दुष्प्रभाव करता है। इससे उम्र से पहले बाल अपनी चमक खोकर टूटने लगते हैं और सफ़ेद होने लगते हैं
- कम उम्र में बाल सफेद होने का कारण आनुवं शिक भी हो सकता है।

प्री मैच्योर ग्रेइंग समस्या (एनसीबीई शोध के अनुसार)

17-19 वर्ष : 43 प्रतिशत
20-22 वर्ष : 44 प्रतिशत
23-25 वर्ष : 13 प्रतिशत
9-13 वर्ष : 29 प्रतिशत
14-18 वर्ष : 55 प्रतिशत

ऐसे करें बचाव

- जीवनशैली सुधारें
- समय पर सोएं, काम के तनाव को कम करने के लिए प्राणायाम और अनुलोम-विलोम करें
- अत्यधिक जंक फूड ना खाएं
- एक्सरसाइज करें
- मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करें
- पानी अ धिक पीएं


प्री मेच्योर ग्रेइंग का कारण जेनेटिक के साथ विटामिन्स की कमी और कोई बीमारी भी हो सकता है। इलाज से इसे आगे बढ़ने से रोका जा सकता है। बच्चों और युवाओं में भी यह समस्या देखने को मिल रही है।
डॉ.दिनेश माथुर, वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ

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यह समस्या पिछले दो वर्षों में युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रही है। जंक फूड के अ धिक इस्तेमाल से शरीर में केमिकल संरक्षकों की मात्रा में बढ़ोतरी होती है और बालों को आयरन नहीं मिल पाते।
अनामिका सेठी, डाइटिशयन

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शरीर में प्रोटीन की कमी से भी बाल जल्दी सफेद होने लगते हैं। इससे बाल झड़ने लगते हैं और कम उम्र में ही कालापन खो देते हैं।
सुर भि पारीक, डाइटि शियन