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शुगर मैनेज करेगा रतालू

रतालू में पाया जाने वाला डाइटरी फाइबर शरीर में से टॉक्सिंस को निकालकर कैंसर का रिस्क कम करता है

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पोषक तत्वों से भरपूर
यह स्ट्रार्च रूट वेजिटेबल काब्र्स, पोटेशियम और विटामिन सी का बेहतरीन सोर्स है। इसमें पावरफुल प्लांट कंपोनेंट एवं एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं। इसमें पाया जाने वाला एंथोसाइनिंस ब्लड प्रेशर और इंफ्लेमेशन को कम करने साथ ही कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम भी करता है।

पावरफुल एंटी ऑक्सीडेंट्स
बैंगनी रतालू एंटी ऑक्सीडेट्स एवं विटामिन सी से भरपूर होता है। यह फ्री रेडिकल्स से सेल्स को प्रोटेक्ट कर डेमेज होने से बचाता है। इस तरह रतालू कैंसर, न्यूरोडिजनरेटिव डिस्ऑर्डर, हार्ट डिजीज और डायबिटीज का रिस्क भी कम हो जाता है। यह इम्यूनिटी को बूस्ट करने का काम करता है।

ब्लड शुगर रहेगा कंट्रोल
रतालू में पाया जाने वाला फ्लेवनॉइड्स ब्लड शुगर को कम करके टाइप २ डायबिटीज को मैनेज करता है। कई बार ओबेसिटी एवं इंफ्लेमेशन भी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ाने का काम करता है, जिससे मधुमेह का खतरा भी बढ़ जाता है। एक रिसर्च के अनुसार रतालू में पाए जाने वाले पोषक तत्व वजन को कम करने के साथ ही ब्लड शुगर कंट्रोल को भी इंप्रूव करने का काम करता है। इस फूड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ही कम होता है।

ब्लड प्रेशर रहेगा सही
हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में रतालू का सेवन करना फायदेमंद होगा। एक टेस्टट्यूब स्टडी से सामने आया कि रतालू में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट्स दवाइयों की तरह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में प्रभावी होते हैं। हालांकि इस ओर ह्यूमन स्टडी की भी आवश्यकता है।

अस्थमा के लक्षण दूर होंगे
अ स्थमा की समस्या से राहत पाने के लिए भी रतालू का सेवन करना लाभकारी होगा। यह विटामिन ए और सी का अच्छा स्रोत है, जो अस्थमा की आशंका को कम करता है। कुछ अध्ययनों से यह सामने आया कि अस्थमा विटामिन ए की कमी से जुड़ा हुआ है। इसलिए अस्थमा के मरीजों को विटामिन ए की खुराक पर ध्यान देना चाहिए।

गट हेल्थ
रतालू गट हेल्थ को इंप्रूव करने का काम भी करता है। यह गट बैक्टीरिया का स्तर बढ़ाकर कॉम्पलैक्स काब्र्स एवं फाइबर को तोडऩे का काम करता है। इस तरह अपच जैसी समस्याएं नहीं होती है। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज भी होती हैं, जो पाचन तंत्र के इंफ्लेमेशन को दूर करने में कारगर होते हैं। रतालू को डाइट में अवश्य रूप से शामिल करें।

ब्रेन हेल्थ
रतालू में सीखने और याद रखने की क्षमता को बढ़ाने का गुण भी होता है। एक अध्ययन के अनुसार यदि छह सप्ताह तक रोजाना रतालू का सेवन किया जाए तो इससे संज्ञानात्मक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इतना ही नहीं, इसमें पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट्स अल्जाइमर जैसे रोगों की आशंका को कम करने का काम भी करते हैं।

खून बनेगा
रतालू में पाए जाने वाले मिनरल्स शारीरिक क्रियाओं में बहुत ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसमें पाया जाने वाला कॉपर लाल रक्त कणिकाओं का स्तर बढ़ाने का काम करता है। इस तरह शरीर में ब्लड फ्लो बढ़ता है। इसमें पाया जाने वाला आयरन भी रक्त संचार को बढ़ाता है। इसके अलावा शरीर में मेटाबॉलिक फंक्शन को सही रखने में भी रतालू को लाभकारी माना जाता है।