
बांदीकुई (बड़ियाल कलां). सरकारी नौकरी की दौड़ के बीच उपखंड क्षेत्र के पिचूपाड़ा कलां ग्राम पंचायत के नारायणपुरा निवासी उन्नत पशुपालक देवकीनंदन शर्मा ने आधुनिक डेयरी मॉडल से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। वर्ष 1996 में एक जर्सी गाय से शुरू हुआ उनका सफर आज 35 गाय और 3 भैंसों तक पहुंच चुका है। फार्म से प्रतिदिन करीब 400 लीटर दूध का उत्पादन होता है और प्रतिदिन लगभग 15 हजार रुपए का कारोबार होता है। सभी खर्चों के बाद उन्हें हर माह एक लाख रुपए से अधिक का शुद्ध मुनाफा होता है।
डेयरी फार्म पर 35 लोगों को स्थायी रोजगार मिला हुआ है। कर्मचारियों को वेतन के साथ दूध, आटा और गैस सिलेंडर जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं। गोबर से जैविक खाद और उपलों का उत्पादन कर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा रही है। आधुनिक शेड, चारा भंडारण और पशुओं की बेहतर देखभाल के कारण उनका फार्म क्षेत्र के किसानों और युवाओं के लिए प्रशिक्षण व प्रेरणा का केंद्र बन गया है।
हालांकि, बारिश की कमी से चारे और पशु आहार की बढ़ती कीमतों ने लागत बढ़ाई है, फिर भी देवकीनंदन शर्मा का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके और आधुनिक तकनीक अपनाकर पशुपालन किसी भी अच्छी नौकरी से बेहतर आय और रोजगार का माध्यम बन सकता है।
फैक्ट फाइल
दुधारू गाय : 35
भैंस : 3
दूध उत्पादन : 400 लीटर प्रतिदिन
शुद्ध मुनाफा : 1 लाख रुपए से अधिक प्रतिमाह
रोजगार : 35 लोगों को स्थायी काम
Updated on:
11 Jul 2026 06:01 am
Published on:
11 Jul 2026 06:01 am
