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जैसलमेर में 1636 किसानों की जांच, बड़ी जोत वालों को नहीं मिलेगा गेहूं

जैसलमेर जिले में सरकारी गेहूं वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने कवायद शुरू की है।

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जैसलमेर जिले में सरकारी गेहूं वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने कवायद शुरू की है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े ऐसे किसानों की पहचान की जा रही है जिनकी जोत सरकारी मानक से अधिक है। निर्धारित मानक के अनुसार 2.47 हैक्टेयर से ज्यादा सिंचित भूमि और 10 हैक्टेयर से अधिक असिंचित भूमि रखने वाले किसानों को सरकारी गेंहू वितरण योजना से बाहर किया जाएगा।

विभाग ने वर्ष 2016 के कृषि भूमि रजिस्टर को वर्तमान पीएम किसान डेटा से मिलान करते हुए जांच आरंभ कर दी। रिकॉर्ड मिलान में कई किसानों की जोत सीमा मानक से अधिक पाई गई है। ऐसे मामलों को आर्थिक रूप से सक्षम वर्ग में रखते हुए पात्रता सूची से हटाने की प्रक्रिया जारी है।
जिला रसद अधिकारी रामसिंह मीणा ने बताया कि पीएम किसान योजना से जुड़े 1636 किसानों की सूची विभाग को प्राप्त हुई है, जिनकी भूमि जोत निर्धारित सीमा से अधिक है। इन सभी नामों का सत्यापन शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में इस तरह के मामलों की समीक्षा की जा रही है। कई जिलों में सक्षम किसान गलत श्रेणी में राशन कार्डधारी बने हुए पाए गए हैं और नियमित रूप से सरकारी गेहूं प्राप्त कर रहे हैं। अब ऐसे सभी नाम पात्रता सूची से हटाए जाएंगे। विभाग ने स्पष्ट किया कि इस कवायद का छोटे और सीमांत किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सक्षम किसानों से स्वैच्छिक नाम हटाने की अपील

अधिकारियों ने कहा कि जिन किसानों के पास पर्याप्त भूमि, वाहन या आय के अन्य स्रोत हैं, वे स्वयं भी अपने नाम राशन योजना से हटाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। 31 दिसंबर के बाद स्वेच्छा से गिवअप नहीं करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित है। राज्य स्तर पर भी पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है, ताकि पात्र व्यक्तियों को लाभ से वंचित न होना पड़े।

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