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JAISALMER NEWS- आजादी के सात दशक बाद भी पेयजल को तरस रहे राजस्थान के यह गांव

पाइप लाइन बिछा कर भूले, जीएलआर और पशु खेली अब तक सूखे
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जैसलमेर

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Jitendra Kumar Changani

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Updated: 3 May 2018, 10:18 AM IST

Jaisalmer patrika

Patrika news

खींवसर पंचायत के कंडियाला गांव आज तक पानी से वंचित
जैसलमेर . आजादी के 70 वर्ष बाद भी कोई गांव पाइप लाइन बिछी होने के बावजूद पानी से वंचित रहे तो इसे क्या कहा जाए? जिले की खींवसर ग्राम पंचायत का कंडियाला गांव जिम्मेदारों की उपेक्षा का दंश आज तक भोग रहा है। गांव में जीएलआर और पशु खेली बनी हुई है तथा पाइप लाइन भी बिछी है। इसके बावजूद वहां पानी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों की ओर से समय-समय पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के सामने गुहार लगाए जाने के बावजूद हालात जस के तस हैं।कंडियाला में कृषि कार्य करने वाले लोगों के साथ बड़ी तादाद में चराई के लिए पहुंचने वाले आसपास के पशुधन को पीने का पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है।
सूख गई है तलाई
जलदाय विभाग की जीएलआर और पशु खेली में पानी नहीं होने के कारण कंडियाला में इंसान और पशु पीने के पानी के लिए बरसाती तलाई पर निर्भर करते हैं। इन दिनों यह तलाईभी पूरी तरह से सूख चुकी है। तलाई के घाट भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं और इसकी खुदाई करवाने की जरूरत महसूस की जा रही है। सरकार की ओर से पंचायतीराज विभाग के अंतर्गत गांवों में अनेक विकास कार्य चलाए जा रहे हैं, लेकिन कंडियाला की इस तलाई की ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा।

IMAGE CREDIT: patrika

क्षतिग्रस्त जीएलआर पर रंग रोगन
कंडियाला गाव में वर्षों पहले बनाईगईजी एल आर क्षतिग्रस्त अवस्था में है। इसमें पानी भी नहीं पहुंच रहा लेकिन उस पर अनावश्यक रंग रोगन करवा दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार निकटवर्ती गोगादे गांव से बिछाई गईपाइप लाइन भी जगह-जगह से टूट चुकी है। उसकी ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा।ग्रामीण सुमित बल्लाणी ने बताया कि पाइप लाइन के बारे में सुगम पोर्टल पर शिकायत दर्जकरवाई जा चुकी है तथा सरपंच को भी इससे अवगत करवाया। आश्वासनों के अलावा अब तक कुछनहीं मिला।
टैंकर ही सहारा
ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में एकमात्रटैंकरों से पानी की आपूर्ति का सहारा है लेकिन वे भी समय पर नहीं मिल पा रहा।क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी में पशुओं के हाल बेहाल हो रहे हैं। वे पानी की तलाश में भटकते रहते हैं। बिना पानी के पशुधन काल का ग्रास बन रहा है। ग्रामीणों केशवदास बल्लाणी और हुकमसिंह पुरोहित आदि ने समस्या के समाधान की मांग की है।