स्वर्णनगरी की साफ-सफाई व्यवस्था रविवार को पूरी तरह से पटरी से उतरी हुई नजर आई। शहर के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल गीता आश्रम चौराहा, कलाकार कॉलोनी मार्ग और जैन भवन से मलका प्रोल तक नाले-नालियों का गंदा व बदबूदार पानी कई घंटों तक बहता रहा।
स्वर्णनगरी की साफ-सफाई व्यवस्था रविवार को पूरी तरह से पटरी से उतरी हुई नजर आई। शहर के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल गीता आश्रम चौराहा, कलाकार कॉलोनी मार्ग और जैन भवन से मलका प्रोल तक नाले-नालियों का गंदा व बदबूदार पानी कई घंटों तक बहता रहा। इस वजह से वहां से आवाजाही करने वाले पैदल लोगों व वाहन चालकों के साथ आसपास रहने वाले व व्यवसाय करने वाले दुकानदारों का बुरा हाल हो गया। दोपहर बाद तो गंदे पानी का एक दरिया शहर के सबसे प्रमुख हनुमान चौराहा तक पसर गया। वह अमरसागर प्रोल की तरफ से रवाना होकर चौराहा पहुंचा। आते-जाते लोग यह मंजर देख कर हैरान दिखे।
शहर के अन्य गली-कूचों व मोहल्लों में भी सफाई व्यवस्था हालिया दिनों में बिगड़ी हुई है। अम्बेडकर कॉलोनी में तो बीते कई दिनों से सफाई करने वाले कार्मिक यदा-कदा ही पहुंच रहे हैं। यही स्थिति कमोबेश तालरिया पाड़ा से गांधी चौक आने वाले मार्ग की नजर आ रही है। पुराने ग्रामीण बस स्टेंड, गीता आश्रम मार्ग आदि पर सडक़ों के किनारे कचरे के ढेर लगे नजर आते हैं। नगरपरिषद की मोनेटरिंग व्यवस्था सिरे से गायब है। बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जनप्रतिनिधियों की बात भी नहीं सुनी जा रही है।