
राजस्थान में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए गोपालन विभाग ने गौशालाओं में संधारित गौवंश की सुरक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश वरगंटीवार ने बताया कि प्रदेश की गोशालाओं में गौवंश को लू-तापघात से बचाने के लिए प्रबंधन समितियों को समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी।
गौवंश को तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाने के लिए गोशाला संचालकों को पर्याप्त छाया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। शेड को गर्म लपटों से सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल अथवा टाट-बोरे का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, गोवंश के लिए भरपूर मात्रा में चारा, भूसा और पशु आहार उपलब्ध करवाने की हिदायत दी गई है।
गर्मी के मौसम में बीमार और अशक्त गौवंश को पशु चिकित्सा कार्मिकों की देखरेख में उपचार दिया जाए। गर्भवती एवं असहाय गायों की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गोशालाओं में आगजनी की घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा प्रबंध करने पर जोर दिया गया है। गर्मी के कारण मृत गौवंश के शवों के सड़ने से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है, ऐसे में शवों का सुरक्षित और सम्मानजनक निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
गोपालन विभाग ने गोशाला प्रबंधन समितियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन उपायों को जल्द लागू करें, ताकि गोवंश को लू-तापघात से बचाया जा सके और उनकी देखभाल में कोई कमी न रहे।
Published on:
03 Apr 2025 09:09 pm
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