
हबीबुर्रहमान को सूचनाएं सौंपता था सेना का जवान
जैसलमेर. जिले के पोकरण क्षेत्र में पकड़े गए आइएसआइ के जासूस हबीबुर्रहमान और सेना के गिरफ्तार जवान परमजीत सिंह के बारे में कई खुलासे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच दोनों से पूछताछ कर रही है। इसमें सामने आया है कि परमजीत वर्ष 2018 से आइएसआइ के लिए काम कर रहा था। इसका जरिया हबीबुर्रहमान बना हुआ था और आइएसआइ परमजीत को अपने देश से गद्दारी करने के लिए हर महीने 50 हजार रुपए देती थी। परमजीत सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां व दस्तावेज हबीबुर्रहमान को सौंपता जो उन्हें आइएसआइ तक पहुंचाता। परमवीर के पास से अब तक आधा दर्जन मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि बीकानेर निवासी हबीबुर्रहमान उर्फ हबीब खां ने हाल में सेना को पोकरण में मीट सप्लाई का टेंडर हासिल किया। इससे पहले वह सेना को सब्जी सप्लाई करने का काम करता था।
वर्ष 2009 से पोकरण में हबीब
इस बीच यह जानकारी मिली है कि हाई स्कूल तक पढ़ाई करने वाले हबीबुर्रहमान ने कई जगहों पर काम किया था। वह वर्ष 2009 में बीकानेर से पोकरण आया। पोकरण में उसने सेना में ठेके पर सब्जियां व फल सप्लाई करना शुरू किया। बाद में फल, सब्जी, आइसक्रीम व सामान की आपूर्ति करना शुरू कर दिया था। पाकिस्तान हैंडलर के कहने पर उसने परमजीत से दोस्ती की। परमजीत से वह गोपनीय दस्तावेज लेता था तथा वॉट्सएप पर उन्हें हैंडलर तक पहुंचा देता।
Published on:
18 Jul 2021 04:16 pm
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