
आगामी पर्यटन सीजन में स्वर्णनगरी भ्रमण पर आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों का शहर में प्रवेश करते ही तीन चौराहे स्वागत करेंगे। जैसलमेरी पीले पत्थरों से प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गड़ीसर के समीप इन तीनों चौराहों पर विशाल कलाकृतियां संजोई जा रही हैं। वर्तमान में अम्बेडकर पार्क के समीप जोधपुर व बाड़मेर मार्ग के दोराहे से ठीक पहले बने सर्किल पर पहली कलाकृति बन कर तैयार हो गई है। इसमें नमस्कार की मुद्रा में दोनों हाथ जुड़े हुए हैं। जिस पर पत्थर से ही उकेरा जाएगा- खम्मा घणी। मारवाड़ी भाषा का यह शब्द अभिवादन में सबसे ज्यादा काम आता है। इससे थोड़ा आगे चल कर दूसरा सर्किल बन रहा है। इस सर्किल से एक तरफ गांधी कॉलोनी जाने वाला मार्ग है, दूसरी ओर गड़ीसर व शेष शहर की तरफ बढ़ा जाता है। यहां पर पत्थर से बड़ा मेहराब बनाया जाएगा। उससे आगे गड़ीसर सरोवर के ठीक पहले सर्किल पर जैसलमेरी शैली की विशाल छतरी स्थापित की जाएगी। अद्र्धचंद्राकार आकृति वाले मेहराब और छतरी से सैकड़ों साल प्राचीन जैसलमेर शहर की कलात्मकता के दर्शन भी आगंतुकों को हो सकेंगे। नगरपरिषद की तरफ से इन तीनों सर्किलों पर 50-50 लाख यानी डेढ़ करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। एक सर्किल लगभग तैयार हो चुका है, शेष दो के गोलाई वाले प्लेटफार्म बन रहे हैं। मेहराब व छतरी बाद में स्थापित किए जाएंगे।
जैसलमेर के ये सभी चौराहे जोधपुर या बाड़मेर मार्ग से किसी भी साधन से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही के सबसे प्रमुख मार्ग पर स्थित हैं। कोई भी पर्यटक इस मार्ग पर से होकर अवश्य गुजरता है। इसी तथ्य को ध्यान में रखकर शहर के सौन्दर्यकरण कार्यों की श्रृंखला में चौराहों का पुनर्निर्माण का कार्य हाथ में लिया गया। एयरफोर्स चौराहा के पास ही महात्मा गांधी पार्क निर्माण का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।
जैसलमेर के प्रवेश मार्ग पर चौराहों के सौन्दर्यकरण और उन कलाकृतियों के निर्माण से शहर की सुंदरता में अवश्य बढ़ोतरी होगी। नगरपरिषद की तरफ से आने वाले समय में हनुमान चौराहा के सौन्दर्यकरण का कार्य भी करवाया जाएगा। इसकी डिजाइन अभी फाइनल नहीं हुई है।
Published on:
30 May 2025 11:42 pm
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