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Weather Update: दो दिन की बरसात से बाबा की नगरी हुई पानी-पानी

रामदेवरा कस्बे सहित क्षेत्र में शनिवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश ने जहां मौसम को खुशनुमा बना दिया, वहीं मुरझा रही खरीफ फसल को भी जीवनदान मिल गया। दो दिनों से हो रही रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई।

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रामदेवरा कस्बे सहित क्षेत्र में शनिवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश ने जहां मौसम को खुशनुमा बना दिया, वहीं मुरझा रही खरीफ फसल को भी जीवनदान मिल गया। दो दिनों से हो रही रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई। शनिवार शाम से देर रात तक रूक-रूक कर वर्षा का दौर चला, जिससे कस्बे की सड़कों पर पानी जमा होने से कीचड़ की स्थिति बन गई। ऐसे में मेलार्थियों को भारी परेशानी हुई। रविवार सुबह भी रुक रुक हुई बरसात से पूरा कस्बा पानी पानी हो गया। मेला क्षेत्र में बरसाती पानी के जमा होने और कीचड़ के फैलने से देशभर से आए हजारों यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ी। वही बरसाती पानी के निकासी को लेकर ठोस प्रबंध नहीं होने से क्षेत्र के मंदिर रोड, रोटी वाली गली में तो बरसाती पानी भारी मात्रा में जमा होकर दुकानों के भीतर तक पहुंच गया।

पैदल जातरुओं को मिली राहत

बरसात का असर सिर्फ कस्बे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाबा रामदेवरा आए और मां जसोल के दर्शनार्थ पैदल निकल रहे जत्थों को भी इससे राहत मिली। रिमझिम फुहारों के बीच जातरू भीगते हुए अपनी यात्रा पर निकले। मौसम में आई शीतलता से पैदल यात्रियों को गर्मी से निजात मिली और उनकी राह सुगम हो गई। रविवार को पोकरण से रामदेवरा पैदल यात्री संघों के लोगो को बरसात से काफी सुविधा हुई।

फसलों के लिए बनी संजीवनी

किसान उमेद सिंह भाटी ने बताया कि बारिश के अभाव में मुरझा रही फसलों के लिए हुई बारिश अमृत बनी, जिससे खरीफ की फसलों को संजीवनी मिल गई। खरीफ की फसल, जो सूखे की मार झेल रही थी, अब हरी हो रही है। किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद जगी है।