29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झील में पहुंचा नहर का पानी: छह हजार एमएल पानी का होगा संग्रहण, 563 गांवों को मिलेगा लाभ

पोकरण क्षेत्र के बीलिया गांव के पास स्थित पोकरण-फलसूंड-बालोतरा-सिवाणा पेयजल लिफ्ट परियोजना के हेडवक्र्स पर नवनिर्मित आरडब्ल्यूआर (झील) में बुधवार को दोपहर पहली बार पानी पहुंचा।

less than 1 minute read
Google source verification
jsm

पोकरण क्षेत्र के बीलिया गांव के पास स्थित पोकरण-फलसूंड-बालोतरा-सिवाणा पेयजल लिफ्ट परियोजना के हेडवक्र्स पर नवनिर्मित आरडब्ल्यूआर (झील) में बुधवार को दोपहर पहली बार पानी पहुंचा। हालांकि अभी तक परियोजना की ओर से पाइपलाइन व आरडब्ल्यूआर का परीक्षण किया जा रहा है, लेकिन परीक्षण के बाद यहां करीब छह हजार मिलियन लीटर पानी संग्रहित किया जा सकेगा। जानकारी के अनुसार पोकरण-फलसूंड-बालोतरा-सिवाणा पेयजल लिफ्ट परियोजना के अंतर्गत इंदिरा गांधी नहर नाचना से पानी की आपूर्ति होती है। इस वृहद परियोजना के तहत पोकरण, बालोतरा व सिवाणा कस्बों के साथ 563 गांवों में जलापूर्ति होती है। साथ ही करीब पांच लाख की आबादी लाभान्वित होती है। वर्तमान में नाचना से पोकरण के बीलिया हेडवक्र्स पर पानी पहुंचता है। यहां पानी को स्वच्छ को आगे आपूर्ति की जाती है।

संग्रहण की व्यवस्था नहीं होने से होती थी परेशानी

इस वृहद परियोजना के अंतर्गत कहीं पर भी पानी संग्रहण की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में नहरबंदी होने, पाइपलाइन लीकेज हो जाने, प्राकृतिक आपदा, विद्युत आपूर्ति में बाधा अथवा अन्य कोई समस्या हो जाने पर जलापूर्ति बंद हो जाती थी। कहीं पर भी पानी संग्रहण नहीं होने से पांच लाख की आबादी प्रभावित हो जाती थी।

अब मिलेगी राहत

परियोजना की ओर से बीलिया हेडवक्र्स के पास ही विशाल आरडब्ल्यूआर (झील) का निर्माण करवाया गया है। बुधवार को पाइपलाइन व झील का परीक्षण शुरू किया गया है। जिसके अंतर्गत नहर से पानी आपूर्ति शुरू कर दी गई है। परियोजना के अधिशासी अभियंता छत्राराम के निर्देशन में टीम की ओर से यहां निरीक्षण किया गया। उनकी देखरेख में झील में पानी छोड़ा गया। जिस पर उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों ने खुशी जताई।

Story Loader