पोकरण कस्बे के एक किसान सेवा केन्द्र पर कृषि विभाग के अधिकारी के साथ मारपीट कर राजकार्य में बाधा पहुंचाने को लेकर पुलिस में मामला दर्ज किया गया है।
पोकरण कस्बे के एक किसान सेवा केन्द्र पर कृषि विभाग के अधिकारी के साथ मारपीट कर राजकार्य में बाधा पहुंचाने को लेकर पुलिस में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार कृषि विभाग के सहायक निदेशक महावीरप्रसाद ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि शुक्रवार गुण नियंत्रण कार्य के लिए उनकी टीम पोकरण आई थी। इस दौरान शाम करीब साढ़े 5 बजे पनराज एग्रो एजेंसी व किसान सेवा केन्द्र पहुंचे तो यहां दुकान के प्रोपराइटर भंवरसिंह भाटी से कृषि आदान विक्रय के लिए आवश्यक दस्तावेज, अनुज्ञा पत्र उपलब्ध करवाने के लिए कहा एवं स्वयं का कार्ड भी दिखाया। आरोप है कि भंवरसिंह ने संबंधित दस्तावेज दिखाने से इनकार करते हुए धमकियां दी। साथ ही मारपीट कर गाली गलौच करते हुए उसका चश्मा तोड़ दिया एवं लोहे के सरिये से मारपीट का प्रयास किया। जिसमें उसने अपना बचाव किया। साथ ही आरोपी ने जान से मारने की धमकियां दी एवं राजकार्य में बाधा पहुंचाई। इस दौरान टीम में आत्मा परियोजना के उपपरियोजना अधिकारी तनप्रीतसिंह, चालक शंकराराम, कृषि पर्यवेक्षक नरेशकुमार, संजीवकुमार भी साथ थे। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
दुकान को किया सीज
कृषि अधिकारी तनप्रीतसिंह ने बताया कि कृषि आयुक्तालय जयपुर के आदेशानुसार रबी मौसम से पूर्व सघन गुण नियंत्रण अभियान के तहत कृषि विभाग के सहायक निदेशक महावीर प्रसाद, कृषि पर्यवेक्षक नरेशकुमार व संजीवकुमार की टीम ने शुक्रवार को कस्बे में विभिन्न कृषि आदान विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण किया। साथ ही बीज, उर्वरक के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान जैसलमेर रोड पर स्थित पनराज कृषि सेवा केन्द्र का भी निरीक्षण किया गया। यहां फर्म का अनुज्ञा पत्र अवधिपार पाया गया। इसके बाद कृषि विभाग की टीम ने बीज नियंत्रण आदेश 1983, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं कीटनाशी एक्ट 1968 के तहत पुलिस बल की उपस्थिति में फर्म को सीज किया। साथ ही फर्म परिसर में आदान की जब्ती की कार्रवाई शुरू की गई।