-5.13 करोड़ करोड़ से बनाया जाना है मसाला पार्क-जिम्मेदारों का तर्क- जमीन नगरपरिषद की तो दूसरे पक्ष ने कुछ हिस्से पर किया दावा
जैसलमेर. शहर के वायुसेना चौराहा पर प्रस्तावित महात्मा गांधी पार्क और पार्किंग स्थल के निर्माण की कवायद के दौरान रविवार दोपहर अवरोध आ गया। यहां महात्मा गांधी पार्क की साइट पर रविवार को संवेदक कंपनी के कार्य की शुरुआत करने से पहले ही पार्क के कुछ हिस्से पर काबिज होने का दावा करते हुए कुछ लोग वहां पहुंच गए। तनातनी के माहौल के बीच उन्होंने वहां काम भी शुरू नहीं करने दिया, हालांकि मौके पर किसी तरह का निर्माण नहीं था। गौरतलब है कि शहर के वायुसेना चौराहा पर स्थित मुख्य सडक़ पर नगरपरिषद की करीब 2 बीघा जमीन जैसलमेर जंक्शन के लिए लीज पर दी गई थी। लीज अवधि समाप्त होने के उपरांत में भी उपरोक्त जमीन खाली नहीं करने पर नगरपरिषद ने कार्रवाई करते हुए कुछ वर्ष पहले उसे खाली करवाया था। वर्तमान बोर्ड ने इसी वर्ष पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण महात्मा गांधी पार्क की योजना बनाकर यहां पर मसाला पार्क के निर्माण को हरी झंडी दिखाते हुए 5 करोड़ 13 लाख रुपए खर्च कर मसाला पार्क निर्माण की मंजूरी प्रदान की थी।
यह है हकीकत : यूं चला घटनाक्रम
- नगरपरिषद ने अधिकतम बोली प्रदाता कंपनी को 2 अगस्त 2022 से ही काम शुरू करवाने का आदेश दिया था।
- अभी तक संबंधित फर्म ने कार्य ही शुरू नहीं करवाया।
- रविवार को साइट पर संवेदक कंपनी के अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे।
- वहां काबिज होने का दावा करने वाले अतिक्रमियों ने कंपनी के कर्मचारियों को काम भी शुरू नहीं करने दिया।
- ऐसे में मसाला पार्क के निर्माण में और अधिक विलंब होने का खतरा मंडराने लगा है।
- अनुबंध शर्तों के अनुसार पार्क व पार्किंग का निर्माण 1 अप्रेल 2023 तक पूरा कराया जाना है।
मौके पर पहुंचे विकास कमेटी अध्यक्ष
वायुसेना चौराहा पर उक्त जमीन पर कार्य शुरू करने बीच व्यवधान की सूचना मिलने पर विकास कमेटी के अध्यक्ष पार्षद दुर्गेश आचार्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां विरोध करने वाले जनों से सरकारी भूमि पर काबिज होने के दस्तावेज मांगे। उन्होंने मौके पर ठेकेदार कंपनी को अविलम्ब काम शुरू करने के नसीहत दी। विकास कमेटी के अध्यक्ष आचार्य ने कहा कि पर्यटन के लिहाज से महात्मा गांधी पार्क काफी महत्वपूर्ण योजना है, जिससे स्थानीय बाशिंदों के लिए पर्यटन व रोजगार के नए मार्ग खुलेंगे। उधर, महात्मा गांधी पार्क निर्माण योजना के इंचार्ज कनिष्ठ अभियंता सुशील यादव के अनुसार समूची जगह नगरपरिषद की है। मौके पर पार्क की जमीन पर साफ.-सफाई कर उसे समतल किया गया है। हकीकत में यहां न तो कोई कब्जा है और न ही अतिक्रमण।