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कांस्टेबल की आत्महत्या का मामला, मानसिक सेहत पर फिर उठे सवाल… पहले भी हो चुकी घटनाएं

जिन लोगों के कंधों पर आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की पालना का जिम्मा है, उनकी मानसिक कमजोरी आज सबसे बड़ा कारण बन कर खड़ा हो गया है।

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जैसलमेर पुलिस लाइन में तैनात पुलिस कांस्टेबल की ओर से अपने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने की घटना ने एक बार फिर सैन्य-अद्र्धसैनिक बलों और पुलिस में कार्यरत जवानों की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता के स्वर मुखर कर दिए हैं। इस घटना से पुलिस महकमे में तो निश्चित रूप से हडक़म्प मचा है, साथ ही समाज के अन्य वर्गों में भी एक बेचैनी भरा संदेश गया है।

जिन लोगों के कंधों पर आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की पालना का जिम्मा है, उनकी मानसिक कमजोरी आज सबसे बड़ा कारण बन कर खड़ा हो गया है। गौरतलब है कि सवाईमाधोपुर निवासी 30 वर्षीय नरेन्द्र मीणा पुलिस लाइन जैसलमेर में तैनात था। वह पुलिस लाइन परिसर में बने अपने आवासीय कमरे में रह रहा था। बताया जा रहा है कि उसका परिवार इन दिनों सवाईमाधोपुर गया हुआ था। सुबह जब वह कमरे से बाहर नहीं आया, तो साथियों को संदेह हुआ। सहकर्मियों के दरवाजा खटखटाने के बाद जब वह बाहर नहीं आया तो वे दरवाजा तोड़ अंदर पहुंचे। वहां साथी कांस्टेबल का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा था। प्रारंभिक तौर पर सामने आया कि उसने अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारी। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने कमरे से संबंधित साक्ष्य जुटाए, रिवाल्वर की जांच की और अन्य तकनीकी पहलुओं को खंगाला। पुलिस के अनुसार मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस का मानना है कि मृतक के परिवारजनों के जैसलमेर पहुंचने के बाद ही घटना के कारणों की सटीक जानकारी मिल सकती है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

-करीब 6 साल पहले आर्मी एरिया में चुरू निवासी एक जवान ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके कारणों की जानकारी नहीं मिल पाई थी।

  • 19 दिसम्बर 2023 को जैसलमेर में सीमा सुरक्षा बल के जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की।
  • 5 मई 2024 - सीमा सुरक्षा बल के जवान ने सरहद से सटी पोस्ट के परिसर में पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या की।
  • 26 दिसम्बर 2024 बीएसएफ के ही हेड कांस्टेबल ने अपनी सर्विस रिवालवर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की।

एक्सपर्ट व्यू: तनाव के क्षणों में परिवार की भूमिका अहम

सुरक्षा बलों में कार्यरत जवानों के खुदकुशी करने की घटनाओं के वैसे तो कई कारण हो सकता है। मसलन, पारिवारिक कारणों से तनाव, कर्ज, नशावृत्ति, किसी कारण से ब्लेकमैलिंग का शिकार होना। लेकिन इन सब दिक्कतों के बावजूद संबंधित व्यक्ति को अगर परिवार की ओर से पूरा सहारा मिल जाए तो वह आत्महत्या जैसा चरम दुखदायी कदम उठाने से बच सकता है। जवाहिर चिकित्सालय में कार्यरत मनोचिकित्सक डॉ. रामसिंह ने बताया कि सैन्य बलों में कार्यरत जवानों के पास उनका सर्विस हथियार हर समय रहता है। यह खुदकुशी का त्वरित कारक बन जाता है। जैसे ही दिमाग में आत्महत्या का कुविचार आता है, पास में रखा हथियार उसे फलीभूत करने का साधन बन जाता है।