
बाबा के जयकारों से गूंजी रुणीचा नगरी, लगी लंबी कतारें
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को गांव में मेले का आयोजन हुआ। इसमें सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। अलसुबह 4 बजे बाबा रामदेव की समाधि पर पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद आरती कर समाधि स्थल का मुख्य प्रवेश द्वार खोला गया और सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए। समाधि स्थल के द्वार खुलते ही बाबा रामदेव के जयकारों से समाधि परिसर व आसपास का क्षेत्र गूंज उठा। सुबह 8 बजे भोग आरती के साथ समाधि पर स्वर्ण मुकुट चढ़ाया गया। बुधवार को दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ जारी रही और लंबी कतार लगने से श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए दो से तीन घंटे का इंतजार करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने समाधि के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया और अमन, चैन व खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
दिनभर रही चहल पहल
श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते समाधि परिसर के साथ ही मेला चौक, परचा बावड़ी, वीआइपी रोड, मुख्य बाजार में दिनभर रेलमपेल लगी रही। साथ ही श्रद्धालुओं ने बाजार में लगी दुकानों से जमकर खरीदारी की। जिससे दुकानदारों के चेहरे भी खिले नजर आए। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते प्रशासन व पुलिस की ओर से भी पुख्ता प्रबंध किए गए।
गुजरातमय हुआ रामदेवरा
दीपावली के त्यौहार के साथ गुजरात से हजारों पर्यटक व श्रद्धालु प्रदेश में भ्रमण के लिए आते है। विशेष रूप से ये श्रद्धालु रामदेवरा पहुंचकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करते है और यहां से परमाणु नगरी पोकरण व स्वर्णनगरी जैसलमेर घूमने के लिए जाते है। इसी के चलते बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद, गांधीधाम, सूरत, बड़ोदा, जामनगर, भरुच, कच्छ, सुरेन्द्रनगर, राजकोट आदि जिलों से सैंकड़ों श्रद्धालु यहां पहुंचे। पारंपरिक वेशभूषा में यहां आए श्रद्धालुओं से रामदेवरा पूरी तरह से गुजरातमय नजर आया।
Published on:
16 Nov 2023 11:41 am
