
राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को उद्यमिता में भागीदार बनाना और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। योजना के तहत इन वर्गों के पात्र व्यक्तियों को उद्यम स्थापित करने और विस्तार करने के लिए राज्य सरकार की ओर से कम लागत पर ऋण सुविधा, ब्याज अनुदान, गारंटी फीस, मार्जिन मनी अनुदान जैसी कई सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, जैसलमेर की महाप्रबंधक संतोष कुमारी के अनुसार, इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। साथ ही आवेदक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए और उनकी उम्र 18 वर्ष या अधिक होनी चाहिए। वे राज्य या केंद्र सरकार में कार्यरत नहीं होने चाहिए और उन्हें पहले किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से ऋण में डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, यदि आवेदक फर्म, सहकारी समिति या कंपनी के रूप में आवेदन कर रहा है, तो संस्थान में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों का 51 प्रतिशत या उससे अधिक स्वामित्व होना अनिवार्य है।
-निर्माण क्षेत्र में अधिकतम ऋण राशि 10 करोड़ रुपए
-सेवा क्षेत्र में अधिकतम ऋण राशि 5 करोड़ रुपए
25 लाख रुपए तक: 9 प्रतिशत ब्याज
25 लाख से 5 करोड़ रुपए तक: 7 प्रतिशत ब्याज
5 करोड़ से 10 करोड़ रुपए तक: 6 प्रतिशत ब्याज
परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अथवा 25 लाख रुपए, जो भी कम हो, ऋण वितरण के उपरांत तीन वर्ष तक उद्यमी के खाते में समायोजित किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया में आवेदकों को आधार कार्ड, फोटो, जाति प्रमाण-पत्र और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इच्छुक उद्यमी आवेदन पत्र जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, जैसलमेर से प्राप्त कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेजों के साथ इसे कार्यालय में जमा कर सकेंगे।
Published on:
05 May 2025 09:50 pm
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