-कृषि उपज मंडी में कार्यरत कार्मिकों को दस महीने से नहीं मिला मानेदय -अल्प मानेदय में विषम परिस्थितियों में काम करना चुनौती अब समय पर मानदेय नहीं मिलने से स्थिति कोढ़ में खाज जैसी
जैसलमेर. सरहद से सटे और विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले सरहदी जैसलमेर जिले में कार्य संपादन करना अमूमन सहज नहीं होता, उस पर अल्प मानदेय का भुगतान और वह भी करीब दस माह तक नहीं दिए जाने से संबंधित कार्मिकों की पीड़ा को समझा जा सकता है। जिला मुख्यालय पर स्थित कृषि उपज मंडी समिति के संविदा व ठेकाकर्मियों की स्थिति भी जुदा नहीं है। गौरतलब है कि कृषि उपज मंडी में कनिष्ठ लेखाकार एक पद, वरिष्ठ लिपिक का एक पद, सूचना सहायक के ४ पद, कनिष्ठ लिपिक के ४ पद, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का १ पद, जल वाहक का १ पद, सफाई कर्मी का १ पद है। उक्त सृजित पदों की तुलना में मंडी समिति जैसलमेर में केवल १ कनिष्ठ लिपिक तथा १ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यरत है। शेष पद रिक्त है राज्य सरकार या निदेशालय से सक्षम स्वीकृति के बाद विभिन्न संविदा मदों के तहत संविदा या ठेका कर्मी पदस्थापित किए गए हैं। करीब १० महीने से मानदेय नहीं मिलने उक्त कार्मिकों की स्थिति कोढ़ में खाज जैसी हो गई है। लंबे समय से उन्हें परिवार का भरण-पोषण करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उक्त कार्मिकों को मार्च के माह को देखते हुए कार्य की अधिकता का कारण स्वीकृत बजट के लेप्स होने की आशंका सताने लगी है। इस संबंध में कृषि उपज मंडी समिति कंम्प्यूटर ऑपरेटर संघ ने मुख्यमंत्री, जिले के दोनों विधायक, कृषि विपणन विभाग के निदेशक, कृषि उपज मंडी के सचिव सहित कई जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर अपनी पीड़ा से अवगत कराया है।
फैक्ट फाइल
- २२ चौकीदारी व्यवस्था में कार्यरत कार्मिकों को गत जून महीने से नहीं मिला मानदेय- ८ सफाई व्यवस्था से जुड़े कार्मिक जुलाई २०२२ से अब तक वंचित है मानदेय से
- २ प्रकाश व्यवस्था से जुड़े कार्मिकों को भी जुलाई २०२२ से अब तक नहीं मिला है मानदेय- ५ संविदा कम्प्यूटर ऑपरेटर का भी गत जुलाई माह से अब तक मानदेय बकाया
नियमानुसार कार्यवाही करेंगे
यह मामला मेरे जानकारी में लाया गया है। इस संबंध में जो भी नियमानुसार कार्यवाही होगी, वह शीघ्र करने के प्रयास किए जाएंगे।-जयकिशन विश्नोई, कृषि उपज मंडी, जैसलमेर