
Maru Mahotsav 2026 (Patrika Photo)
Maru Mahotsav 2026: जैसलमेर: रेगिस्तान के सबसे बड़े उत्सव, 'मरु महोत्सव-2026' का शुक्रवार को जैसलमेर की गलियों में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक उमंग के साथ आगाज हुआ। चार दिनों तक चलने वाले इस विश्वविख्यात मेले की शुरुआत शहर के आराध्य देव लक्ष्मीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और गड़ीसर सरोवर से निकली भव्य शोभायात्रा के साथ हुई।
महोत्सव का धार्मिक शुभारंभ शुक्रवार सुबह सोनार दुर्ग स्थित लक्ष्मीनाथ मंदिर में हुआ। पूर्व राजघराने के चैतन्यराज सिंह ने विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी जगदीश शर्मा ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। शंखनाद की गूंज और पवित्र झारी से आचमन के साथ पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया, जिसने उत्सव की शुरुआत को एक आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की।
धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात, ऐतिहासिक गड़ीसर सरोवर से एक विशाल और रंगारंग शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा मरुस्थलीय जीवन और लोक परंपराओं का आईना नजर आई। देशभर से आए लोक कलाकारों ने अपनी क्षेत्रीय वेशभूषा में लोक वाद्य यंत्रों की थाप पर नृत्य करते हुए पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंटों को पारंपरिक गहनों और झूलों से सजाया गया था, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। जैसे-जैसे शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी, स्थानीय निवासियों ने छतों से पुष्पवर्षा कर कलाकारों और सैलानियों का आत्मीय स्वागत किया।
मरु संस्कृति के इस अद्भुत दृश्य को देख देशी-विदेशी पर्यटक अभिभूत नजर आए। कई विदेशी सैलानी राजस्थानी साफे और पारंपरिक लिबास में नजर आए और उन्होंने इस यादगार पल को अपने कैमरों में कैद किया। आगामी तीन दिनों तक अब जैसलमेर के धोरों पर मरु संस्कृति के विभिन्न रंग, प्रतियोगिताएं और संगीत की लहरें देखने को मिलेंगी।
Updated on:
30 Jan 2026 12:14 pm
Published on:
30 Jan 2026 12:13 pm
बड़ी खबरें
View Allजैसलमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
