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गहलोत सरकार की योजना में अरबों रुपए के ऋण हुए माफ, अब 5 साल बाद 8 करोड़ का कर्ज जोड़ा

Rajasthan Farm Loan Waiver Scheme: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिसम्बर 2018 में चुनाव जीतने के बाद अपनी सरकार की तरफ से पहली बड़ी योजना राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना वर्ष 2019 में लागू की, जिसके तहत प्रदेश भर किसानों के सहकारी बैंक और ग्राम सेवा सहकारी समितियों (जीएसएस) के माध्यम से लिए गए अरबों रुपए की ऋण माफी दी।

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गजेंद्र सिंह दहिया
Agriculture News: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिसम्बर 2018 में चुनाव जीतने के बाद अपनी सरकार की तरफ से पहली बड़ी योजना राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना वर्ष 2019 में लागू की, जिसके तहत प्रदेश भर किसानों के सहकारी बैंक और ग्राम सेवा सहकारी समितियों (जीएसएस) के माध्यम से लिए गए अरबों रुपए की ऋण माफी दी। अचरज की बात यह है कि जैसलमेर में 5 साल बाद आज भी ऋण माफी चालू है।

पिछले महीने फरवरी 2024 में जैसलमेर की कनोई और डेढ़ा जीएसएस ने समिति के बैंक खातों में 8.05 करोड़ रुपए की ऋण माफी की संदिग्ध एंट्री कर दी। कनोई जीएसएस ने 14 फरवरी को 1.50 करोड़ और 16 फरवरी को 89 लाख रुपए का कर्जा खाते में चढ़ाया। डेढ़ा जीएसएस ने 14 फरवरी को 1.50 करोड़ व 16 फरवरी को 4.14 करोड़ रुपए अपने खाते में क्रेडिट कर दिया। मामला सामने आते ही फिलहाल केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) जैसलमेर ने दोनों जीएसएस के बैंक खातों के ऑपरेशन पर रोक लगा दी है। बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं।

5 करोड़ में 5.72 करोड़ नकद निकाले
कनोई और डेढ़ा जीएसएस में भारी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। बीते 5 साल में दोनों जीएसएस से 5.72 करोड़ रुपए नगद निकाले गए। इतनी बड़ी राशि का कोई हिसाब किताब नहीं है। कभी10 लाख तो कभी 20 लाख करके सीसीबी बैंक जैसलमेर को कंगाल कर दिया गया है। कनोई जीएसएस से 2020 से 2024 तक 1.77 करोड़ और डेढ़ा जीएसएस से 3.95 करोड़ नगद निकाले गए हैं जिनका हिसाब किताब संदिग्ध है।

इंस्पेक्टर ने 2 साल तक नहीं की जांच
कनोई और डेढ़ा में लम्बे समय तक घोटाले हो रहे थे। उस समय जोधपुर के अतिरिक्त रजिस्ट्रार भोमाराम के पास सीसीबी जैसलमेर एमडी का कार्यभार भी था। भोमाराम ने स्थानीय इंस्पेक्टर्स को जांच सौंपी थी लेकिन वे दो साल बाद भी जांच पूरी नहीं कर पाई और इधर घोटाले होते गए। अब इसकी जांच अतिरिक्त रजिस्ट्रार शुद्धोधन उज्ज्वल ने जैसलमेर के विशेष लेखा परीक्षक को जांच सौंपी है।

सीसीबी जैसलमेर एमडी सस्पेंड
कनोई और डेढ़ा जीएसएस सहित अन्य जीएसएस में भारी वित्तीय अनियमितता को देखते हुए सरकार ने फिलहाल सीसीबी जैसलमेर के एमडी जगदीश सुथार को सस्पेंड किया है। उनके स्थान पर जोधपुर में क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी रहे प्रशांत कल्ला का एमडी पद पर तबादला किया गया है।

मुझे कनोई, डेढ़ा सहित अन्य जीएसएस की जांच सौंपी गई है। अभी मार्च क्लोजिंग है। ऐसे में अप्रेल से जांच शरू करके शीघ्र रिपोर्ट दी जाएगी।
-सुधीर भट्ट, विशेष लेखा परीक्षक, सहकारिता विभाग जैसलमेर