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स्वस्थ लोग भी करवा रहे दिव्यांग के तौर पर पंजीयन!

- नए नियमों के तहत बड़ी आबादी दायरे में, मुश्किल होगा प्रमाण पत्र जारी करना

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जैसलमेर (पोकरण). राज्य सरकार की ओर से दिव्यांगों को लाभ देने के लिए निर्धारित किए नए नियमों को देख जिम्मेदारों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। कई नियम ऐसे हैं जिनके दायरे में आधी से अधिक आबादी आ रही है। ऐसे में पंजीयन के बाद दिव्यांग और सामान्य लोगों में अंतर करना मुश्किल होगा। हालांकि कोई दिव्यांग है या नहीं इसका निर्णय विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम करेगी, लेकिन उन्हें नियमों से परे करना मुश्किल होगा।
ये हैं दिव्यांगों के लक्षण
जानकारों के अनुसार दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम में दृष्टि बाधित, अल्पदृष्टि, कुष्ठ रोग से मुक्त, श्रवण बाधित, मल्टीपल स्कलेरोसिस, वाक व भाषा नि:शक्तता, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, सिकल सैल डिजिज, चलन नि:शक्तता, बौनापन, बौद्धिक नि:शक्तता, मानसिक रोगी, ऑटिज्म, सेरेब्रज पाल्सी, मांसपेशी दुर्विकास, क्रोनिक न्यूरोलोजिकल कंडीशन्स, स्पेसिफिक लर्निंग डिसएबिलिटी, बहु नि:शक्तता, तेजाब हमला पीडि़त, पार्किसंस रोग से ग्रसित व्यक्ति को द्विव्यांग की श्रेणी में माना है।

यह लक्षण है आप में तो आप द्विव्यांग
- माता-पिता के आदेश की अवहेलना करना
- ध्यान केन्द्रित करने की कमजोरी
- वैचारिक रूप से आपको भगवान, भूत या बाहरी शक्तियां नियंत्रित कर रही हो
- हर समय शक की आशंका व्यक्त करने की आदत
- आपके विचारशील हो और बार-बार विचारों में बदलाव आते हैं
- किसी बात पर आत्मग्लानि हो रही हो
- किसी से आंखें मिलाकर बात नहीं करना और अधिकतर गुमशुम रहना
- किसी कार्य के लिए बार-बार निर्देश की आवश्यकता

सर्वे कर दिव्यांग प्रमाण बनाने के निर्देश
सरकार ने नए नियमों के तहत द्विव्यांगों का सर्वे करवाकर उनकी चिकित्सकीय जांच करवा प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उच्चाधिकारी घर-घर जाकर सर्वे व पंजीयन कर रहे हैं। ऐसे में कई स्वस्थ व्यक्ति भी इन नियमों का हवाला देकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीयन करवाने पहुंच रहे हैं। इससे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिम्मेदारों की परेशानी बढ़ गई है।
शिविरों में हुए पंजीयन
जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन शिविर के दौरान एक जून से 24 सितम्बर तक ई-मित्र व अटल सेवा केन्द्र के माध्यम से विशेष योग्यजनों का पंजीयन किया जा रहा है। इसमें नि:शक्तता के 21 लक्षण बताए गए हैं। इन लक्षणों के पाए जाने पर ऐसे व्यक्ति को द्विव्यांग की श्रेणी में मानकर दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में नि:शक्तता का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
राज्य सरकार के निर्देशानुसार 21 प्रकार के लक्षण पाए जाने वाले विशेष योग्यजनों का विभाग की ओर से पंजीयन किया जाएगा। उन्हें चिकित्सकों की ओर से दिव्यांग का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा जो सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
- हिम्मतसिंह कविया, सहायक निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिकता विभाग, जैसलमेर

चिकित्सकों की टीम करेगी निर्णय
दिव्यांगों के सर्वे के बाद उन्हें प्रमाण पत्र देने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित की जाएगी। उसी टीम की ओर से नियमों व पात्रता के अनुसार प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
- डॉ. एनआर नायक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जैसलमेर