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उम्मीदें 2026 : जो बदलेंगी जैसलमेर की तस्वीर और संवारेगी तकदीर

समूची दुनिया के साथ सीमावर्ती जैसलमेर जिले ने भी नए वर्ष 2026 में कदम रख दिया है। हर नया साल अपने साथ कई नई उम्मीदें भी लेकर आता है।

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समूची दुनिया के साथ सीमावर्ती जैसलमेर जिले ने भी नए वर्ष 2026 में कदम रख दिया है। हर नया साल अपने साथ कई नई उम्मीदें भी लेकर आता है। नए साल से भी जैसलमेर की कई बड़े कार्यों के संपन्न होने से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं। इन कार्यों के पूरा होने से स्वर्णनगरी के तौर पर दुनिया भर में मशहूर जैसलमेर की सूरत तो और संवरेगी, यहां के बाशिंदों के साथ सालाना लाखों की तादाद में आने वाले सैलानियों के लिए बड़ी सौगात साबित होंगे।

नए साल 2026 में बनेंगे गेमचेंजर-

  1. एयरपोर्ट की तर्ज पर अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन

140 करोड़ की लागत से जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो गया है। जोधपुर रेल मंडल के जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किया गया है। पुनर्विकसित स्टेशन पर यात्रियों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, वेटिंग रूम, कोच इंडिकेशन बोर्ड, उत्कृष्ट साइनेज, प्लेटफॉर्म शेल्टर जैसी सुविधाएं स्थापित की गई हैं। ये सभी व्यवस्थाएं यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सहजता और सुविधा प्रदान करेंगी। लगभग 8327 वर्ग मीटर क्षेत्र में मुख्य स्टेशन भवन (जी प्लस 2) का निर्माण किया गया है। पूरी उम्मीद है नए वर्ष में आधुनिक सुविधाओं से युक्त रेलवे स्टेशन का आगाज होगा।

  1. मेडिकल कॉलेज शुरू, इस साल बनेगा जिला अस्पताल

सरहदी जैसलमेर में रामगढ़ बाइपास मार्ग पर मेडिकल कॉलेज शुरू कर दिया गया है। सत्र 2025-26 से कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश दे दिए गए हैं। 325 करोड़ की लागत से बन रहे मेडिकल कॉलेज व अस्पताल का निर्माण अंतिम चरण में है। कॉलेज का आवश्यक शैक्षणिक ब्लॉक लगभग तैयार है। पहले चरण में 47,975 वर्गमीटर क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है, जबकि 345 बेड की क्षमता वाला नया जिला अस्पताल 35,419 वर्गमीटर क्षेत्र में बन रहा है। अस्पताल में ओपीडी, आपातकालीन वार्ड, आईसीयू, ओटी कॉम्पलेक्स, ब्लड बैंक, रेडियोलॉजी और आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई जा रही हैं। यह कार्य इस वर्ष के मध्य तक पूर्ण होने की उम्मीद है।

  1. सोनार दुर्ग के चारों तरफ हेरिटेज वॉकवे

विश्वप्रसिद्ध जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग के चारों ओर अब एक आकर्षक हेरिटेज वॉकवे बनेगा। नगरपरिषद की ओर से 47.78 करोड़ रुपए की लागत का उक्त कार्य साल 2026 के अंत तक पूरा किया जाने की उम्मीद है। यह वॉकवे नीरज चौराहा से शुरू होकर शिव रोड, गोपा चौक और रिंग रोड होते हुए पूरे किले को घेरेगा। पूरे मार्ग पर पीले पत्थर के कोबल्स (कच्चे फर्शी पत्थर) बिछाए जाएंगे। कोबल्स पर गोल्फ कार्ट चलाने की व्यवस्था भी की जाएगी। पूरी वॉकवे परियोजना में ऑर्नामेंटल लाइटिंग लगाई जाएगी, जिससे रात के समय भी यह क्षेत्र सुनहरी रोशनी से जगमगाएगा और पर्यटक रात्रिकालीन भ्रमण का भी आनंद उठा सकेंगे।

  1. पार्किंग संकट से मिलेगी निजातस्वर्णनगरी में सीजन के दौर में सैलानियों की भारी आवक और शहर-गांवों से सबसे व्यस्त हनुमान चौराहा क्षेत्र में बेतरतीब ढंग से लगने वाले वाहनों के जमघट के संकट का समाधान अब दूर नहीं है। वर्षों से जिस महाराणा प्रताप मैदान में पार्किंग स्थल विकसित किए जाने की कवायद की जा रही थी, वह आखिरकार धरातल पर उतरने की ओर अग्रसर है। नगरपरिषद की तरफ से इस संबंध में करीब 15.90 करोड़ रुपए की लागत से बहुमंजिला पार्किंग स्थल बनवाया जा रहा है। पार्किंग स्थल में करीब 300 वाहनों को खड़ा किए जाने की सुविधा मिल सकेगी। यह कार्य एक वर्ष की अवधि में पूरा किया जाना है।
  2. निर्माणाधीन टाउन हॉलजैसलमेर शहर में डेडानसर मैदान के एक हिस्से में टाउन हॉल का निर्माण का बकाया कार्य एक दशक पूर्व शुरू हुआ था और विभिन्न कारणों से यह अटका रहा। राज्य सरकार ने शेष कार्य के लिए 19.53 रुपए स्वीकृत किए, जिसकी टेंडर प्रक्रिया के बाद कार्य शुरू हुआ। इस साल में यह कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है।
  3. सीमा पर विकसित होगा पर्यटनजैसलमेर के पर्यटन विकास में बॉर्डर ट्यूरिज्म अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। तनोट और बबलियानवाला पोस्ट पर विकास कार्य करवाए गए हैं। राज्य सरकार ने तनोट में योजनाबद्ध ढंग से मास्टर प्लान के अनुरूप कार्य करवाने के दिशा निर्देश दिए हैं। सम क्षेत्र में बीएसएफ का थीम पार्क शुरू हो गया है। पर्यटकों के लिए सीमा दर्शन व्यवस्था हो चुकी है।
  4. सीमेंट उद्योग का विकासजिले में सीमेंट उद्योग की स्थापना की कवायद तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने कम्पनियों को पारेवर और खींया गांवों में जमीन आवंटन किया है। सीमेंट कारखानों की स्थापना से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
  5. ऐतिहासिक गड़ीसर सरोवर का विकासगड़ीसर लेक सौन्दर्यीकरण परियोजना के तहत आरयूआइडीपी की तरफ से 21.99 करोड़ रुपए की लागत के कार्यं करवाए जा रहे हैं। गड़ीसर के संपूर्ण विकास और सौन्दर्यीकरण के लिए कुल 66 करोड़ रुपए की डीपीआर बनाई गई थी। यह कार्य पूरा होने से गड़ीसर की आभा निखर जाएगी।
  6. स्थायी वायु सेवा का संचालनजैसलमेर में इस बार पूर्व की अपेक्षा ज्यादा तादाद में विमानों के संचालन से सीजनल हवाई सेवा को पंख मिले हैं। नए साल में उम्मीद की जा रही है कि जैसलमेर के सिविल एयरपोर्ट से वर्ष पर्यंत सेवाओं का लाभ स्थानीय बाशिंदों, व्यापार-वाणिज्य के साथ पर्यटकों व सैन्य बलों को मिल सकेगा। जिससे स्थानीय लोगों को व्यापार के नए अवसर मिलेंगे, और जैसलमेर की पहुंच प्रमुख शहरों से आसान हो जाएगी।
  7. प्रोजेक्ट पूरा होने से मिलेगा लाभजैसलमेर से म्याजलार तक कई वर्षों तक अटकी रही भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत सडक़ कार्य इस साल पूरा हो सकता है। इस सडक़ के विस्तारीकरण व निर्माण से 50 हजार से अधिक की ग्रामीण आबादी को लाभ मिलेगा और जिले के विकास को भी गति मिल सकेगी।