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300 से ज्यादा जगहों पर बन रहे मकान-दुकान !

- जैसलमेर और आसपास के गांवों में निर्माण कार्यों का दौर- मुंहमांगे दामों पर भी नहीं हाथ आ रहे मजदूर-कारीगर

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300 से ज्यादा जगहों पर बन रहे मकान-दुकान !

300 से ज्यादा जगहों पर बन रहे मकान-दुकान !

जैसलमेर. स्वर्णनगरी और आसपास के गांवों में निर्माण कार्यों का मौजूदा समय में बूम आया हुआ है। जगह-जगह आवासीय और व्यावसायिक निर्माणों के चलते श्रम बाजार, हार्डवेयर, पत्थर कटिंग इकाइयों सहित अन्य वस्तुओं के बाजारों में अच्छी तेजी आई हुई है। पर्यटन व्यवसाय और दिवाली त्योहार के मद्देनजर बाजार में आई इस तेजी से व्यापारी समुदाय से लेकर हाथ का काम करने वाला तबका प्रसन्न है। जैसलमेर शहर और आसपास के करीब 40-50 किलोमीटर क्षेत्रफल में ही कम से कम 300 ज्यादा निर्माण कार्य इन दिनों प्रगति पर हैं। यह सिलसिला कम से कम आगामी दिवाली पर्व तक बना रहने वाला है। गत वर्ष की तुलना में सीमेंट और स्टील (सरिया) के दामों में करीब 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी के बावजूद कार्य करवाने वालों के जोश में कोई फर्क नहीं पड़ रहा। इसके अलावा सरकारी क्षेत्र के कार्यों में भी प्रगति जारी है। सार्वजनिक क्षेत्र की तरफ से चुनावों की घोषणा से पहले सडक़ों से लेकर विभिन्न इमारतों के निर्माण का काम शुरू किया गया था, वे लगातार जारी हैं। हालांकि आचार संहिता लागू होने के बाद नए कार्यादेश जारी नहीं हो सकेंगे। लिहाजा अब नए काम प्रदेश में नई सरकार गठित होने के बाद ही शुरू हो सकेंगे।
200 करोड़ से ज्यादा के काम
निर्माण बाजार के सूत्रों ने बताया कि जैसलमेर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों की तादाद में करवाए जा रहे कार्यों की लागत 200 करोड़ से ज्यादा की है। अकेले शहर में ही आवासीय कॉलोनियों से लेकर बाजारों व पुराने आबादी क्षेत्र में करीब 150 जगहों पर भवन निर्माण और मरम्मत संबंधी कार्य करवाए जा रहे हैं। एक साथ इतने काम चलने से जैसलमेर में निर्माण में काम आने वाले मजदूरों व कारीगरों की किल्लत सामने आ रही है। मजदूरों की 8 घंटे की दिहाड़ी 700 से 800 और करीगर की दिहाड़ी 1200 से 1300 रुपए तक पहुंच गई है। मध्यप्रदेश सहित बाहरी जिलों के मजदूरों से काम पूरे हो रहे हैं। इनमें भी कई श्रमिकों के अपने गांव लौटने की वजह से समय पर काम करवाने में परेशानियां पेश आ रही हैं। हार्डवेयर व्यवसायी योगेश सांवल के अनुसार बाजार में सीमेंट का भाव प्रति बैग 390 से 400 रुपए और स्टील 70 से 75 रुपए किलो के भाव से मिल रहा है। पिछले साल के मुकाबले यह भाव 10 फीसदी तक ज्यादा हैं।
जारी रहेगा यह तेजी का दौर
निर्माण क्षेत्र में तेजी का यह दौर आगामी दिवाली माह तक लगातार बना रहने वाला है। नवरात्रा के बाद से घरों व दुकानों-प्रतिष्ठानों में रंगाई-पुताई करने वालों की मांग एकदम से बढऩे वाली है। इसी तरह से जो निर्माण पूरे होने वाले हैं, उनके मुहूर्त आगामी 4 नवम्बर और उसके बाद दिवाली से ठीक पहले होंगे। तब तक श्रमिकों को दिन-रात काम कर उन्हें पूरा करना होगा। इन सबके अलावा जैसलमेर शहर के इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर आदि को गांवों में अच्छा रोजगार मिल रहा है। आजकल ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहर की तर्ज पर पीले पत्थरों के आलीशान मकान बनाने का दौर चल रहा है। वहीं ग्रामीण भी अपने घरों में फैशनेबल सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं और बिजली के उपकरण व अन्य सामान शहर की भांति काम में ले रहे हैं। बड़ी संख्या में जैसलमेर क्षेत्र में पड़ोसी जिलों के पेंटर भी काम करने पहुंच रहे हैं। पर्यटन सीजन के मद्देनजर गत अर्से के दौरान अच्छी संख्या में होटल्स, रेस्टोरेंट्स, ट्रेवल एजेंसियों व रिसोट्र्स आदि में हर साल की भांति जरूरी काम करवाए गए हैं।