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रामदेवरा. गांव में व्याप्त समस्याओं के निराकरण को लेकर अभी तक कोई प्रभावी प्रयास देखने को नहीं मिल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार आगामी अगस्त माह में बाबा रामदेव का अंतरप्रांतीय भादवा मेला शुरू होगा, जिसको लेकर एक माह पूर्व जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बैठक का भी आयोजन किया गया था अधिकारियों को समस्याओं के निराकरण व आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक विभागाधिकारियों की ओर से कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है।
डामरीकरण का अभाव
गांव में स्थित प्रथम पुलिया से रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य सडक़ पर भादवा मेले के दौरान श्रद्धालुओं का सर्वाधिक दबाव रहता है। यहां दिन रात श्रद्धालुओं सहित ग्रामीणों का आवागमन लगा रहता है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में धर्मशालाएं व होटलें भी स्थित है। यह मार्ग गत लम्बे समय से क्षतिग्रस्त पड़ा है तथा यहां रेत जमा पड़ी है। जिसके चलते श्रद्धालुओं, राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नालियों का लेवल सही नही
गांव में वर्षों पूर्व ग्राम पंचायत की ओर से लाखों रुपए की धनराशि खर्च कर नालियों का निर्माण करवाया गया था। निर्माण के दौरान लेवल का सही ध्यान नहीं रखे जाने के कारण घरों, धर्मशालाओं व होटलों से निकलने वाले गंदे पानी की सही निकासी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा कई जगहों पर मरम्मत के अभाव में नालियां क्षतिग्रस्त हो चुकी है, तो कई जगहों पर नालियों रेत से भर जाने से जमींदोज हो चुकी है। इसी प्रकार समय पर सफाई नहीं होने से नालियां कचरे से अटी पड़ी है। जिसके चलते गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सडक़ पर जमा हो जाता है। मेले के दौरान यहां आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को इस कीचड़ से परेशानी होती है।
पर्याप्त वॉल्टेज की समस्या
गांव में मेले के दौरान सैंकड़ों की संख्या में दुकानें लगती है, जिसके चलते अन्य दिनों की अपेक्षा गांव में विद्युत की खपत भी बढ़ जाती है। हालांकि डिस्कॉम की ओर से मेले के दौरान यहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाकर पर्याप्त वॉल्टेज के साथ विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने का प्रयास भी किया जाता है, लेकिन सैंकड़ों दुकानों के कारण गांव में भादवा मेले में पर्याप्त वॉल्टेज के साथ विद्युत आपूर्ति नहीं हो पाती है। जिससे आमजन सहित यहां देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। यही हाल आने वाले दिनों में रहा, तो मेले के दौरान परेशानी होगी।
पेयजल की भी रहती है समस्या
भादवा मेले के दौरान 50 लाख से अधिक श्रद्धालु यहां बाबा की समाधि के दर्शनों के लिए आते है। हालांकि जलदाय विभाग की ओर से मेलावधि में गांव में 24 घंटे जलापूर्ति सुचारु रखने का दावा किया जाता है, लेकिन वास्तविकता में धर्मशालाओं व होटल संचालकों की ओर से बूस्टर लगाकर पाइपलाइन से पानी का दोहन करने से गांव में स्थित बस्ती व मोहल्लों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पाता है तथा जलापूर्ति व्यवस्था लडख़ड़ा जाती है।
Published on:
09 Jul 2017 08:51 pm
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