
Patrika news
जैसलमेर. नवजात षिषु के लिए ‘अमृत’ कहे जाने वाले मां के दूध का जैसलमेर में अब बैंक बनेगा।षिषु मृत्यु दर को नियंत्रित करने और कुपोषण को जड़ मूल से खत्म करने की इस अहम योजना को जैसलमेर में लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।आने वाले दिनों में जवाहर चिकित्सालय की मातृ एवं षिषु कल्याण इकाई (एमसीएच यूनिट) के पास इसका निर्माण करवाया जाएगा।इस पर 80 लाख से 1 करोड़रुपए तक खर्च होगा।केंद्र ने राज्य सरकार के अनुरोध पर जैसलमेर के साथ श्रीगंगानर, झुंझुनूं, नागौर और प्रतापगढ़.में आंचल मदर मिल्क बैंक की स्थापना के लिए राषि उपलब्ध करवाने का फैसला किया है।जैसलमेर में इस योजना को मूर्तरूप प्रदान करने के लिए बुधवार को प्रदेष के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के राज्यस्तरीय सलाहकार योगगुरु देवेन्द्र अग्रवाल ने एमसीएच यूनिट का जायजा लिया और चिकित्सा अधिकारियों तथा अन्य संबंधित लोगों के साथ विचार विमर्ष किया।
स्थल का अवलोकन किया
जिला अस्पताल जवाहर चिकित्सालय के एमसीएच यूनिट में प्रस्तावित मदर मिल्क बैंक की स्थापना के लिए देवेन्द्र अग्रवाल ने सीएमएचओ डॉ. बीएल बुनकर और पीएमओ डॉ. उषा दुग्गड़ के साथ विचार विमर्ष किया।उन्होंने यूनिट के विभिन्न कक्ष् ाों का जायजा लेते हुए आवष्यक सुधार के निर्देष दिए। बाद में अग्रवाल ने यूनिट के बाहर क्ष् ोत्र में मदर मिल्क बैंक के निर्माण के मद्देनजर स्थान की उपलब्धता को जांचा। एनएचएम के सहायक अभियंता प्रेमसुख जयपाल के अलावा षिषुरोग विषेषज्ञ डॉ. प्रहलाद राम भी इस मौके पर मौजूद थे। अग्रवाल ने बताया कि मदर मिल्क बैंक की स्थापना जच्चा-बच्चा वार्ड के समीपस्थ होना चाहिए। इस बैंक में संग्रहित मां का दूध छह माह तक खराब नहीं होगा तथा जरूरतमंद षिषु को उपलब्ध करवाया जा सकेगा। इस बैंक में इलेक्ट्रोनिक ब्रेस्ट पम्प, मल्टी फंक्षनल स्टरलाइजर, होल्कर मैथड़ पाष्चुराइजर, होट एयर ओवन, लेमिनर एयर फ्लो, केप सीलिंग मषीन और अन्य मषीनरी स्थापित की जाएगी। यहां विभिन्न कार्मिकों को नियुक्त किया जाएगा।
राजस्थान है अव्वल
भारत भर में मदर मिल्क बैंक का सबसे बड़ा नेटवर्क राजस्थान में है। राज्य के जिन 13 चिकित्सालयों में मदर मिल्क बैंक स्थापित किया गया है, वहां चिकित्सकीय कारणों को छोडकऱ नवजात को मां के दूध का अधिकार प्रदान करने वाला राजस्थान देष का पहला राज्य है।इसके साथ क्लिनिकल मदर मिल्क बैंकिंग के साथ कम्यूनिटी मदर मिल्क बैंकिंग करने वाला राजस्थान भारत का पहला राज्य है। गौरतलब है कि प्रदेष में पहला मदर मिल्क बैंक उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के राजकीय जनाना चिकित्सालय में साल 2013 में स्थापित किया गया। इसकी सफलता को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से स्थापित 15 आंचल मदर मिल्क बैंक में 31 मार्च 2018 तक 23 हजार 839 माताओं ने 47 हजार 967 बार में 1.63 लाख यूनिट से ज्यादा यूनिट दूध दान किया।जिससे एनआईसीयू में भर्ती16 हजार 307 नवजात षिषुओं का जीवन बचाया जा सका।इसके अलावा ब्रेस्ट फिडिंग क्लिनिक के जरिए 44 हजार 779 माताओं को 96 हजार 77 बार सेवा प्रदान कर उनकी स्वयं की संतान को स्तनपान में सक्ष् ाम बनाने में सफलता प्राप्त की है।
जैसलमेर के लिए बड़ी सौगात
जैसलमेर सहित पांच जिलों में मदर मिल्क बैंक की स्थापना के लिए केंद्र सरकार की ओर से वित्त मुहैया करवाया जाएगा। यह जैसलमेर के लिए बहुत बड़ी सौगात साबित होने वाला है। इससे षिषु मृत्यु दर में 6 गुना तक कमी लाई जा सकती है और नवजात का विकास भी 40 प्रतिषत ज्यादा गति से हो सकता है।इसी साल जैसलमेर में मदर मिल्क बैंक को षुरू करवाने का हमारा प्रयास है।
फैक्ट फाइल -
-2013 में स्थापित हुआ पहला मदर मिल्क बैंक
-80 लाख से 1 करोड़ की लागत से जैसलमेर में बनेगा बैंक
-13 चिकित्सालयों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे मिल्क बैंक
-देवेन्द्र अग्रवाल, राज्यस्तरीय सलाहकार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग राजस्थान
Published on:
21 Jun 2018 10:38 am
