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चिकित्सकीय निगरानी में नवजात कन्या, शिशु गृह का मिलेगा संरक्षण

फूल से भी ज्यादा कोमल नवजात कन्या को उसके ही परिवार वालों ने कंटीली झाडिय़ों में ‘मुरझाने’ के लिए छोड़ दिया, लेकिन परायों को उसके रुदन ने अपना बना लिया और अब वह बच्ची जैसलमेर के जिला चिकित्सालय में चिकित्सकीय निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रही है।

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फूल से भी ज्यादा कोमल नवजात कन्या को उसके ही परिवार वालों ने कंटीली झाडिय़ों में ‘मुरझाने’ के लिए छोड़ दिया, लेकिन परायों को उसके रुदन ने अपना बना लिया और अब वह बच्ची जैसलमेर के जिला चिकित्सालय में चिकित्सकीय निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रही है। जानकारी के अनुसार जिले के नहरी क्षेत्र के पीटीएम थाना इलाके में गत बुधवार रात झाडिय़ों में एक नवजात बच्ची कंटीली झाडिय़ों में मिली। किसी ने उसे कपड़े में लपेट कर वहां छोड़ दिया था। राह चलते लोगों ने उसके रोने की आवाज सुनकर पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने उसका प्राथमिक उपचार करवाकर जिला मुख्यालय स्थित जवाहिर चिकित्सालय पहुंचाया। नवजात कन्या फिलहाल खतरे से बाहर बताई जाती है। नवजात कन्या के मिलने की सूचना पर शिशु गृह अधीक्षक हेमाराम जरमल के निर्देशन में राजकीय शिशु गृह की टीम अस्पताल पहुंची और उसे संरक्षण में लिया।

सुल्ताना मार्ग पर मिली बच्ची

जानकारी के अनुसार बच्ची पीटीएम से सुल्ताना जाने वाले मार्ग पर झाडिय़ों में मिली थी। पीटीएम थाना के दल ने बच्ची का बचाव कार्य किया। माना जा रहा है कि इस बच्ची के पैदा होते ही उसे वहां लाकर छोड़ दिया गया। जिला अस्पताल में डॉ. दिनेश जांगिड़ ने बच्चा वॉर्ड में उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया। शिशु गृह की मैनेजर प्रियंशा चौहान, केयर टेकर कौशल्या व गीता बिस्सा ने बच्ची को अस्पताल पहुंच कर संरक्षण में लिया है। शिशु गृह अधीक्षक हेमाराम जरमल ने बताया कि नवजात की देखभाल की जा रही है, उसे शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। जिसके बाद उसे शिशु गृह के संरक्षण में लाया जाएगा।