-व्यास बगेची में भागवत कथा का आयोजन
जैसलमेर. श्रीपुरुषोत्तम मास सेवा समिति एवं राजस्थान ब्राह्मण महासभा के संयुक्त तत्वावधान में व्यास बगेची में चल रही भागवत कथा में चंद्रदत्त सुबेदी महाराज ने कहा कि हर धर्म समुदाय में गो सेवा अति उतम है, उन्होंने कहा कि 99 तीर्थ कर लो और एक मात्र गो सेवा कर लो, दोनों का प्रतिफल बराबर है। प्रतिदिन स्वागत क्रम में डॉ. एसके दुबे, आरसी व्यास, आलोक थानवी ने सुबैदी महाराज का तिलक लगाकर, माल्यार्पण कर साफा पहनाकर परंपरागत रूप से स्वागत किया तथा भागवत की संध्या आरती का हिस्सा बने। इसके साथ ही पांडाल से श्रद्धालुओं में महेश मिश्रा पाली, रामनिवास शर्मा, प्रमोद बरसा आदि ने भी चंद्रदत्त महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया। मीडिया प्रभारी प्रमोद जगाणी ने बताया कि भागवत कथा के चतुर्थ दिवस गजेन्द्र मोक्ष, वामन अवतार, राम जन्म, कृष्ण जन्म का वृतांत विस्तार पूर्वक बताया। आरसी व्यास ने बताया कि वामन भगवान की झांकी पाण्डाल में मुख्य आकर्षक रही। वामन के किरदार में युवांश जगाणी ने बहुत ज्यादा प्रभावित किया। दर्शकों की मांग पर वामन भगवान को पूरे पांडाल की परिक्रमा लगवाई। उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्तजन भाव विभोर हो गए। समिति सदस्य पंकज केवलिया ने बताया कि भक्तजन आधुनिक तकनीक से प्रसारित एलइडी वाल से भी देख कर लुफ्त उठा रहे थे। झांकिया प्रभारी कृष्णा केवलिया ने बताया कि बुधवार को राम-दरबार, वासुदेव, कृष्ण जन्म की झांकी का प्रदर्शन श्रद्धालुओं को बहुत लुभा रहा था। श्रीराम का किरदार शानवी शर्मा ने निभाया। सरक्षक गोवर्धन थानवी ने बताया कि दिवंगत पं रामशरण के परिवार को सम्बल प्रदान करने के लिए श्रद्धालु भाग ले रहे है। बुधवार को विजयलता नवल किशोर व्यास, श्यामसुन्दर बिस्सा, रावतमल, संतोष हर्ष, प्रेमसिंह मूलाना, माहेश्वरी विशनदास, जयरामदास, अजयसिंह गहलोत, रमा जयनारायण आचार्य, जुगल शर्मा, मधुसुदन शर्मा, कृपाशंकर छंगाणी, शकुंतला ज्ञानप्रकाश व्यास, देरावरसिंह रावलोत, श्यामसुन्दर शर्मा, झूमरलाल सोनी, महेश मिश्रा पाली, आरएसएमएम महिला मण्डल की ओर से, महेन्द्र पुरोहित, रामचंद्र लखारा, बृजवल्लभ जगाणी, महेश कुलदीप थानवी, रमेश भोपतानी, नरेश गिरी, बालकृष्ण गोपा, संजय, मनोज, ललित व्यास, पूर्णिमा शिवकुमार व्यास, कमल नीलू व्यास, गोपाल श्रीपत आदि ने सहयोग राशि जमा करवाई। कई भक्तजनो ने गुप्तदान भी किया। थानवी ने बताया कि समाज सेवी विरेन्द्रसिंह रामगढ़ ने भी विशेष सहयोग किया।