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पोकरण : एनएच पर हादसों का खतरा… टोल वसूली में अव्वल, सुधार में फिसड्डी

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 11 पर रामदेवरा से पोकरण के बीच जिम्मेदारों ने कई पेचवर्क ऐसे किए है, जो हादसे को निमंत्रण दे रहे है। इसके साथ ही पुलिए पर भी यही हाल है। ऐसे में यह हाई-वे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए सुविधा से ज्यादा दुविधा बन गया है।

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राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 11 पर रामदेवरा से पोकरण के बीच जिम्मेदारों ने कई पेचवर्क ऐसे किए है, जो हादसे को निमंत्रण दे रहे है। इसके साथ ही पुलिए पर भी यही हाल है। ऐसे में यह हाई-वे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए सुविधा से ज्यादा दुविधा बन गया है। बावजूद इसके जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए है। गौरतलब है कि बीकानेर-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-11 व्यस्ततम राजमार्गों में से एक है।

जैसलमेर जाने वाले पर्यटकों के साथ ही रामदेवरा आने वाले लाखों श्रद्धालु इसी मार्ग से आवागमन करते है। पोकरण व जैसलमेर से फलोदी, बीकानेर, जयपुर, दिल्ली के लिए भी लोग यहां से गुजरते है। यही नहीं सीमा सुरक्षा बल की एक बटालियन का स्थायी मुख्यालय यहां स्थित है। साथ ही सड़क के एक तरफ फील्ड फायरिंग रेंज होने से सेना के जवानों की आवाजाही यहीं से होती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से सड़क के रख रखाव के लिए दो टोल बनाए गए है। एक रामदेवरा के पास और दूसरा लाठी के पास। सड़क की मरम्मत का कार्य इन्हीं के पास है।

अधूरे इंतजामों से हादसे को न्योता

रामदेवरा से पोकरण के बीच सड़क कई जगहों से टूटी हुई है। क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक करने के लिए कुछ जगहों पर किया गया पेचवर्क भी 5-6 इंच का किया गया है। जिससे यहां बिना किसी नियम का गति अवरोधक बन गया है। तेज गति से आने वाले वाहनों को यहां उबड़-खाबड़ सड़क दिखाई नहीं दे पाती है और हादसे का भय बना रहता है। रात में पर्याप्त रोशनी के अभाव में किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। गोमट गांव के पास एक पुलिया बना हुआ है। इस पुलिए के बीच पूर्व में सड़क धंस गई थी। जिसे ठीक करने के दौरान भी पेचवर्क को ऊंचा कर दिया गया। साथ ही अब सड़क भी कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गई है। ऐसे में हाई-वे से गुजरने वाले वाहन चालकों को दूर से ऊंची-नीची सड़क दिखाई नहीं दे पाती है और सड़क के लेवल का सही अंदाजा नहीं हो पाता है। ऐसे में किसी वाहन के अनियंत्रित हो जाने और पुलिए से नीचे गिरने से किसी हादसे की आशंका बनी हुई है।

सैकड़ों वाहनों वसूली, सुविधा सिफर

यह मार्ग रामदेवरा टोल के अधीन है। यहां कार, जीप जैसे वाहनों से 70 रुपए तक टोल वसूला जा रहा है। ऐसे में नियमानुसार उनकी जिम्मेवारी है कि सड़क पूरी तरह से समतल व सुरक्षित रहे। दूसरी तरफ यहां सड़क के बिगड़े लेवल से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।