
गत दिसंबर माह से कस्बे में चल रहे बहुचर्चित कथित फर्जी पट्टा प्रकरण को लेकर गठित की गई कमेटी की ओर से जांच कर ली गई है। इसमें 138 पट्टे सही पाए गए है। जांच रिपोर्ट को जिला कलक्टर को प्रेषित किया गया है। उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट प्रभजोतसिंह गिल ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी की ओर से वर्ष 2024 नियम विरुद्ध पट्टे जारी किए जाने की शिकायत प्राप्त होने पर गत दिसंबर माह में जांच कमेटी का गठन किया गया था। पांच सदस्यों की कमेटी की ओर से अपनी जांच रिपोर्ट पूर्ण कर ली गई है। इसमें 138 पट्टे वैध पाए गए है, जबकि अन्य सभी पट्टे खारिज किए जाने योग्य है। इन 138 पट्टों में भी पालिकाध्यक्ष के हस्ताक्षर नहीं है। साथ ही विधिक प्रक्रिया का पालन भी नहीं हुआ है। ऐसे में इन पट्टों को भी नगरपालिका की एंपावर्ड कमेटी के समक्ष रखना होगा। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ लोगों के पट्टे नगरपालिका रिकॉर्ड में भी नहीं मिले है, न ही जांच कमेटी के समक्ष अपना पट्टा पस्तुत किया है।
जांच कमेटी ने जांच में वैध पाए गए 138 पट्टों के अलावा 2024 में जारी सभी पट्टे अवैध व शून्य घोषित करने की अनुशंसा की है। जिनका न तो पंजीयन हो सकेगा, न ही बेचान किया जा सकेगा। इसके अलावा पट्टों की जांच में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी जोधाराम विश्नोई की फर्जी पट्टा बनाने में संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज करवाने की अनुशंसा की गई है। साथ ही मिलीभगत कर 5 हजार वर्गफीट से अधिक के पट्टे जारी करवाने वाले पट्टाधारकों के विरुद्ध भी मामले दर्ज करवाने की अनुशंसा की है। जांच रिपोर्ट में नगरपालिका की भूमि का सर्वे करवाकर पिल्लर लगवाने, चिन्हित करवाने, कच्ची बस्ती का सर्वे करवाने की अनुशंसा की गई है, ताकि यहां अतिक्रमण नहीं हो।
Published on:
05 Apr 2025 10:41 pm
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