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दिसम्बर में धनवर्षा…अब तक आए 50 हजार सैलानी

स्वर्णनगरी का पर्यटन व्यवसाय इन दिनों उफान पर है। जहां तक नजर जा रही है, दर्शनीय स्थलों व बाजारों में देशी सैलानियों के हुजूम उमड़ते नजर आ रहे हैं।

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jsm nwes

स्वर्णनगरी का पर्यटन व्यवसाय इन दिनों उफान पर है। जहां तक नजर जा रही है, दर्शनीय स्थलों व बाजारों में देशी सैलानियों के हुजूम उमड़ते नजर आ रहे हैं। यह भीड़ सोनार दुर्ग, गड़ीसर और पटवा हवेलियों पर जहां दिन के दौरान नजर आती है, वहीं शाम के समय सम के धोरों पर नमूदार होती है। हालांकि शहर में भी गड़ीसर सरोवर व बाजारों में शाम से लेकर रात करीब 9 बजे तक भी भी सैलानियों की रेलमपेल अच्छी संख्या में बनी हुई है। एक अनुमान के अनुसार दिसम्बर के पहले पखवाड़े में ही करीब 50 हजार सैलानी जैसलमेर का भ्रमण कर जा चुके हैं, जबकि क्रिसमस और नए वर्ष के मौके का दौर अभी आना शेष है। गौरतलब है कि इस बार अक्टूबर आखिर से नवम्बर के महीने के शुरुआती 10 दिनों में दिवाली सीजन के दौरान अपेक्षानुरूप सैलानी जैसलमेर नहीं पहुंचे थे। जिससे शहर व सम-खुहड़ी आदि के पर्यटन व्यवसायियों के चेहरों पर चिंता की सिलवटें पड़ गई थी। दिसम्बर के मौसम में ठंडक घुलने के साथ ही सीजन में गर्माहट आ गई है। यह आने वाले दिनों के लिहाज से शुभ संकेत माना जा रहा है।

मौसम की मेहरबानी

जैसलमेर में पर्यटकों की भारी भीड़ के लिए अनुकूल मौसम को भी श्रेय दिया जा रहा है। दरअसल, नवम्बर माह में अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री के आसपास रहा था। ऐसे में दिवाली व बाद के दिनों में गुजरात जैसे पड़ोसी राज्य के बाशिंदे बड़ी संख्या में कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के साथ गोवा जैसे राज्यों में पर्यटन के लिए चले गए थे। अब दिसम्बर में चूंकि जैसलमेर में भी मध्यम श्रेणी की सर्दी पड़ रही है जबकि कश्मीर व हिमाचल में तो जकडऩ के हालात हैं। यही कारण है कि गुजरात व आसपास के राज्यों के साथ राजस्थान के विभिन्न जिलों के पर्यटक जैसलमेर सहित राजस्थान के उदयपुर, जयपुर, श्रीनाथद्वारा, कुम्भलगढ़, माउंट आबू जैसे पर्यटन केंद्रों पर भीड़ उमडऩे लगी है। सैलानियों को यहां के मौसम में दिन की खुशनुमा धूप और सुबह-शाम की सहन करने योग्य ठंडक की अनुकूलता रास आ रही है।

उत्तर से दक्षिण तक के सैलानी

जैसलमेर जिले में इन दिनों जो पर्यटक आ रहे हैं, वे किसी एक राज्य विशेष के न होकर अलग-अलग दिशाओं के रहवासी हैं।

  • इनमें दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे उत्तरी राज्यों से लेकर दक्षिण के कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व केरल व पश्चिम के गुजरात व महाराष्ट्र के पर्यटक शुमार हो रहे हैं।
  • इस कारण स्वर्णनगरी के दर्शनीय स्थलों पर इन प्रांतों की विभिन्न भाषाएं गूंजते हुए भारत की अनेकता में एकता की अनुभूति भी करवा रही हैं। इन सबके साथ राजस्थान के कोने-कोने से सैलानी स्वर्णनगरी भ्रमण का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं।
  • इसी तरह से विदेशी पर्यटक भी इस वर्ष गत सालों की तुलना में अब तक ज्यादा संख्या में नजर आए हैं। यह और बात है कि अब भी उनकी तादाद कोरोना से पहले के साल 2019 के स्तर को छू नहीं पाई है।फैक्ट फाइल -
  • 10 लाख पर्यटक सालाना आ रहे जैसलमेर
  • 30 करोड़ से ज्यादा का दिसम्बर में अब तक कारोबार
  • 12 प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं जैसलमेर जिले मेंअच्छा बीत रहा दिसम्बरदिसम्बर का महीना पर्यटन व्यवसाय के लिए बेहतरीन साबित हुआ है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि दिसम्बर के दूसरे पखवाड़े में और अधिक सैलानी आएंगे क्योंकि इसी में क्रिसमस और न्यू इयर सेलिब्रेशन भी होगा। वैसे नवम्बर में दिवाली का सीजन गत वर्षों की तुलना में कमजोर रहा था। उसकी काफी हद तक भरपाई दिसम्बर से अब तक की है।
  • पुष्पेंद्र कुमार व्यास, रिसोर्ट व्यवसायीसुखद संकेतजैसलमेर में दिसंबर के महीने में लगातार पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। क्रिसमस से लेकर नव वर्ष तक बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवक तय है। ऐसे में यह महीना पर्यटन उद्योग के लिए सुखद साबित होगा। इससे पहले कमजोर साबित हुई पर्यटन सीजन को लेकर मायूसी अब खुशी में तब्दील होने लगी है।

-सुमेरसिंह राजपुरोहित, पर्यटन व्यवसायी