
स्थानीय निकाय चुनावों से पहले जैसलमेर नगरपरिषद क्षेत्र के परिसीमन के तहत शहर के समीपस्थ अमरसागर और किशनघाट गांवों को परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने का दोनों गांवों के बाशिंदों ने बुधवार को पुरजोर ढंग से विरोध किया। उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर हाथों में ज्ञापन की प्रतियां थाम कर सरकार के इस निर्णय का विरोध किया और जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री और स्वायत्त शासन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें सरकार का यह निर्णय कतई गवारा नहीं है और अगर सरकार ने उनकी मांग को मानते हुए ग्राम पंचायत मुख्यालय अमरसागर और ग्राम पंचायत बड़ाबाग के राजस्व ग्राम किशनघाट को पूर्व की भांति पंचायत क्षेत्र में नहीं रखा तो वे जन आंदोलन शुरू करेंगे। गौरतलब है कि पूर्व में अमरसागर, किशनघाट के साथ बड़ाबाग और मूलसागर गांवों को भी जैसलमेर नगरपरिषद क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव भिजवाया गया था। जिसे सरकार ने पुनर्विचार के लिए प्रशासन को भेजा और उसके बाद अमरसागर व किशनघाट को शहर सीमा में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी।
मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान में दोनों गांवों के लोग पंचायतीराज की विभिन्न योजनाओं से जुड़े हुए हैं और उन्हें केंद्र व राज्य सरकारों की लोककल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है। जो नगरपरिषद क्षेत्र में आने से बंद हो जाएगा। इसी तरह से दोनों गांवों के निवासी पशुपालक हैं और उनके आजीविका का मुख्य स्रोत पशुपालन व खेती है। नगरपरिषद क्षेत्र में आ जाने से उनके पशुओं को विचरण करने में परेशानी होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में बीएस परिहार, पूर्व सरपंच भोजराज, कल्याणाराम माली, अनिल भाटी, सवाईसिंह, अजयसिंह, रमणलाल, चंद्रप्रकाश, प्रेमाराम, दौलतसिंह आदि शामिल थे।
Published on:
19 Mar 2025 10:40 pm
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