
आमतौर पर शांतिप्रिय माने जाने वाले जैसलमेर शहर के अंदरूनी भाग में रविवार को दिन दहाड़े तीन युवकों ने एक घर में घुस कर चाकू की नोक पर महिला के हाथ-पांव बांध कर और मुंह पर टेप चिपका कर लूट किए जाने की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। तीनों बदमाश घर की अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नगद राशि लेकर फरार हो गए। उन्होंने महिला का चश्मा भी उतार कर फेंक दिया ताकि वह किसी की पहचान न कर सके। वारदात के दौरान जहां दो जने अलमारियां खंगालते रहे। वहीं एक ने महिला की गर्दन पर चाकू लगाए रखा। यह घटना शहर के सिंघवी पाड़ा क्षेत्र की दोपहर करीब 1.45 बजे की है। करीब एक घंटे बाद बदमाशों के जाने के बाद महिला जैसे-तैसे घिसटते हुए बाहर आई और पड़ोसियों से मदद मांगी। पड़ोसियों ने उनके हाथ-पैर खोले और महिला के पति, बेटे और पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा। शहर में अपनी तरह की इस पहली वारदात के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे भी मौके पर पहुंचे और पीडि़त महिला की आपबीती सुनी। घटना के समय नवल भाटिया की पत्नी दमयंती भाटिया घर में अकेली थी। मामले में तुरंत हरकत में आई पुलिस ने घटना के तत्काल बाद कार्रवाई करते हुए सभी 5 आरोपियों को दबोचने में कामयाबी हासिल कर ली और उनके पास से लूट का माल भी बरामद कर लिया है। इससे पहले पुलिस को 3 संदिग्ध व्यक्तियों का सीसीटीवी फुटेज भी मिला था। लोगों को जैसे ही इस घटना के बारे में जानकारी मिली, वहां हुजूम उमड़ गया। सभी ने इस घटना पर अफसोस जताया और कहा कि अब जैसलमेर का अंदरूनी भाग भी सुरक्षित नहीं रह गया है।
पीडि़ता दमयंती भाटिया ने बताया कि वह घर में अकेली थी। मुख्य दरवाजे की कुंडी नहीं लगी हुई थी। दोपहर बाद अचानक 3 जने घर में घुस गए। उन्हें पकड़ कर हाथ, पैर और मुंह को टेप से बांध दिया। उनमें से 2 जन घर को खंगालने लगे और एक ने उनकी गर्दन पर चाकू रख दिया। वे लोग आपस में बात कर रहे थे कि वे उनके पति को जानते हैं। उन्हें यह मालूम भी था कि कुछ देर में महिला का पति और बेटा खाना खाने घर आने वाले हैं। वे आपस में मारवाड़ी भाषा में बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अलमारी से बदमाशों ने ज्वेलरी और नगदी निकाली। दमयंती ने बताया कि सबसे पहले अज्ञात जनों ने पहली मंजिल के कमरों को खंगाला। जब वहां कुछ नहीं मिला तो ग्राउंड फ्लोर के कमरे में घुसे। वहां अलमारी में रखे गहने और पैसे निकाल लिए। बदमाशों ने चेहरे पर कोई मास्क नहीं लगा रखा था। वारदात के समय नवल भाटिया और उनका बेटा गांधी चौक क्षेत्र में स्थित अपनी दुकान पर थे। उनकी दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जिसके कारण घर पर महिला अकेली ही थी। माना जाता है कि लुटेरों ने रेकी करने के बाद इस समय को चुना। शहर में दिन दहाड़े लूट की यह वारदात थोड़ी देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
जैसलमेर. जैसलमेर शहर में अपनी तरह की लूट की पहली वारदात को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया और घटना के 3 घंटों में ही सभी 5 आरोपियों को दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने लूटा गया सारा माल भी बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने अपनी निगरानी में सारे ऑपरेशन को पूरा करवाया है। उन्होंने सबसे पहले मौकास्थल पर पहुंच कर पीडि़त महिला से मुलाकात की। उसके बाद विभिन्न टीमों का गठन किया। जिसमें से कुछ टीमों ने सीसीटीवी फुटेज का पीछा किया तो कुछ ने तकनीकी मोर्चा संभाला। उप अधीक्षक रूपसिंह इंदा, शहर कोतवाल सुरजाराम सहित लाठी पुलिस और अन्य पुलिसकर्मियों ने अपनी अहम भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार दो बदमाशों को लाठी थाना क्षेत्र और तीन को देचू थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान दबोचा गया। आरोपियों में एक महिला शामिल बताई जाती है। पुलिस ने इसके लिए जिले भर में सघन नाकाबंदी करवाई और शहर के रेलवे स्टेशन व बस अड्डों में जांच की। इन सारे प्रयासों के फलस्वरूप पुलिस ने मामले में शामिल सभी 5 जनों को दबोचने में कामयाबी हासिल की। जानकारी के अनुसार आरोपियों में 3 नागौर और 2 राजस्थान से बाहर के व्यक्ति हैं।
Published on:
12 Apr 2026 08:32 pm
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