27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कैंसर से जंग जीत चुकी सुनीता चौधरी ने बताया कारगर

'कैंसर पीडि़त व्यक्ति के लिए संगीत थैरेपी कारगरÓ

less than 1 minute read
Google source verification
कैंसर से जंग जीत चुकी सुनीता चौधरी ने बताया कारगर

कैंसर से जंग जीत चुकी सुनीता चौधरी ने बताया कारगर

जैसलमेर. कैंसर जैसी भयावह बीमारी से जंग जीत चुकी राजस्थान पुलिस में महिला कांस्टेबल सुनीता चौधरी का मानना है कि कैंसर पीङि़त व्यक्ति को संगीत थैरेपी दी जानी चाहिए। उनके अनुसार संगीत सुनने व गुनगुनाने से व्यक्ति मानसिक तनाव से दूर हो जाता है तथा हर समय सकारात्मक सोच व ऊर्जा जाग्रत होती है। पीङि़त और बीमार व्यक्ति के लिए संगीत सबसे बड़ी औषधि है। उन्होंने पत्रिका को बताया कि यह उनका खुदका अनुभव है। जब उन्हें कैंसर जैसी घातक बीमारी ने जकड़ लिया तो वह उदास और चिन्तित रहने लगी। उनके गुरु रजनीकांत शर्मा ने उन्हें संगीत सीखने की सलाह दी। जब उन्होंने संगीत को अपनाया तो मन को शान्ति व सुकून मिलना शुरु हुआ। उन्होंने हारमोनियम बजाना सीखा, जैसा आया वैसा गाना शुरू किया। लोगों की प्रंशसा से हौसला और बढ़ा। धीरे धीरे उनका ध्यान बीमारी से ज्यादा संगीत में लग गया। आज में संगीत की वजह से वह स्वस्थ और खुश है। उन्होंने बताया कि संगीत से उनकी मानसिक सृदृढ़ता, सहनशीलता और एकाग्रता बढीं है। इसके साथ ही कठिन परिस्थिति से लङने का संबल मिला है। आत्मशान्ति के लिए संगीत सबसे बड़ा गुरु है।