
सीमा पार हुए वायु प्रहार की गूंज मोहनगढ़ तक भी पहुंची — पर यह गूंज बमों की नहीं थी, बल्कि एक शहीद परिवार के दिल में उठे गर्व की गूंज थी। नायक राजेंद्र सिंह भाटी के परिवार में 5 मई को छोटे भाई समुन्द्र सिंह की शादी थी, लेकिन इस खुशी के अवसर पर मायूसी पसरी थी — सेना में कार्यरत कई पारिवारिक सदस्य ड्यूटी पर होने के कारण शादी में शामिल नहीं हो सके और कुछ रिश्तेदार बिना मिले ही लौट गए। समुन्द्र के दिल में मायूसी भी थी और खालीपन भी।
बुधवार सुबह जैसे ही भारत की ओर से आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की खबर आई — उस खालीपन की जगह देशभक्ति का ज्वार उमड़ पड़ा। समुन्द्रसिंह की आंखें भर आईं, पर इस बार आंसू दु:ख के नहीं थे, गौरव के थे। उसने कहा मेरा भाई आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुआ था। शादी में अपनों की कमी खल रही थी, पर जैसे ही एयर स्ट्राइक की खबर सुनी, दिल भर आया। लगा कि बड़े भाई का बलिदान व्यर्थ नहीं गया। हमारा परिवार देश के लिए पहले भी तैयार था, आज भी है।
गांव के लोगों ने जब यह सुना तो शहीद के घर पहुंचे, मिठाइयां बांटी और देशभक्ति के गीतों के साथ वातावरण को गूंजा दिया। परिवार के बुजुर्गों ने भी आंखें नम करते हुए कहा — यह कार्रवाई शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
2019 में मोहनगढ़ निवासी नायक राजेंद्रसिंह भाटी आतंकवादियों से मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनका परिवार अब भी देशसेवा में जुटा है। यह वही परिवार है, जिसकी पीड़ा बुधवार को राष्ट्रीय गौरव में बदल गई।
Published on:
07 May 2025 08:59 pm
बड़ी खबरें
View Allजैसलमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
