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सरकारी स्तर पर रोचकता का समावेश करने को की जा रही तैयारियां
जैसलमेर . जैसलमेर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर पुख्ता जमीन दिलाने वाला तीन दिवसीय मरु महोत्सव आगामी 29 से 31 जनवरी तक होगा। एक सरीखे कार्यक्रमों के चलते विगत वर्षों से दोहराव का शिकार हो रहे महोत्सव में नवाचार तथा रोचकता का समावेश करने के इरादे इस बार पर्यटन महकमे की ओर से जताए जा रहे हैं। हालांकि विभाग के साथ ही जिला प्रशासन के लिए भी यह चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि पूर्व के वर्षों में भी महोत्सव से पहले नवाचार के ढोल तो बहुत पीटे जाते रहे हैं, लेकिन छिटपुट बदलावों के अलावा कोई खास परिवर्तन नजर नहीं आता तथा महोत्सव के दर्शक अफसोस जताते नजर आते हैं।
योगाभ्यास से महोत्सव की शुरुआत
जानकारी के अनुसार 29 जनवरी को महोत्सव की शुरुआत इस बार योगाभ्यास से होगी। हर बार यह शोभायात्रा से प्रारंभ होता है। ऐतिहासिक गड़ीसर सरोवर से अबकी बार शोभायात्रा से पहले अलसुबह 6 से 8 बजे तक योगाभ्यास का कार्यक्रम तय किया गया है। योगाभ्यास का कार्यक्रम भी गड़ीसर के किनारे ही रखवाया जाएगा। ऐसे ही महोत्सव के दौरान लाणेला के रण में घुड़ दौड़ को भी सम्मिलित किया जा रहा है। महोत्सव के तीसरे दिन रेगिस्तान के जहाज ऊंटों की दौड़ विगत वर्षों से लोगों के आकर्षण का केंद्र बनती रही है। घुड़ दौड़ में देश भर से 200 घोड़ों को विभिन्न स्तरों की रेस में शामिल करवाया जाना है।
नामचीन कलाकारों को बुलाने की मंशा
जानकारी के अनुसार जैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र के ऐसे लोक कलाकार जिन्होंने बॉलीवुड तक में अपनी आवाज या संगीत का जादू बिखेरा है, उन्हें मरु महोत्सव में बुलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें स्वरूप खां, ममे खां आदि शामिल हैं। साथ ही हॉट एयर बेलून शो, अग्रि नृत्य, पुरुषों का दंगल, कश्मीर क्षेत्र के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों की योजना बनाई गई है। प्रशासन एक बड़े सेलिब्रिटी को भी मरु महोत्सव का मेहमान बनाने का इच्छुक है। यह मेहमान और कोई नहीं हिंदी सिनेमा के सुपर सितारा अक्षय कुमार हैं। हालांकि इसके लिए किस स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।
खुशनुमा नहीं हैं पहले की यादें
मरु महोत्सव को लेकर हर बार आयोजन से पहले कई तरह के नवाचार और उसे रोचक बनाने के लिए प्रशासनिक और विभागीय स्तर पर लम्बी-चौड़ी बातें की जाती रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नयापन नजर नहीं आता। रुटीन की प्रतियोगिताओं व कार्यक्रमों को देखकर स्थानीय लोगों के अलावा सैलानी भी बोरियत महसूस करते हैं। यह देखने वाली बात होगी कि, इस बार स्थितियों में बदलाव आता है या नएपन के इरादे महज कागजी घोड़े दौड़ाने तक ही सीमित रह जाते हैं।
फैक्ट फाइल -
-03 दिन तक चलेगा मरु महोत्सव
-1979 में हुई महोत्सव की शुरुआत
-2001 में गुजरात भूकंप त्रासदी के कारण नहीं हुआ था आयोजन
गंभीरता से प्रयास
आगामी मरु महोत्सव में नयापन लाने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। कई बातें फाइनल हो चुकी हैं जबकि कुछ अन्य के लिए प्रक्रिया जारी है। वैसे महोत्सव में लोक संस्कृति को प्रमुख रूप से उभारा जाएगा।
-भानुप्रताप, उपनिदेशक, पर्यटक स्वागत केंद्र, जैसलमेर
Published on:
18 Jan 2018 11:08 am
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