
kishan
पोकरण. स्थानीय सैनिक विश्राम गृह में गुरुवार को क्षेत्र के पूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित किया गया, जिसमें उनकी पेंशन, चिकित्सा सुविधा, सीएसडी, हथियार अनुज्ञा पत्र व अन्य समस्याओं की सुनवाई कर उनका समाधान किया गया।
जिला सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से आयोजित शिविर को संबोधित करते हुए कोर कमाण्डर कार्यालय जोधपुर में पूर्व सैनिक समस्या निकराकरण प्रकोष्ठ में कार्यरत बेटन्र्स कर्नल शेखर गुप्ता ने कोर कमाण्डर कार्यालय में पूर्व सैनिकों के लिए गठित प्रकोष्ठ, उसके उद्देश्यों व कार्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 25 लाख से अधिक पूर्व सैनिक पेंशनर्स है, जिन्हें पेंशन संबंधी, बैंक व आयकर संबंधी, मेडिकल एवं हैल्थ संबंधी आदि कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन उन्हें उचित मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण उन्हें अपना वाजिब लाभ भी नहीं मिल पाता है। सभी पूर्व सैनिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत दिए जाने वाले परिलाभ समय पर मिले, इसी को लेकर प्रकोष्ठ कार्य कर रहा है। उन्होंने पूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया तथा अन्य समस्याओं के निराकरण का भी भरोसा दिलाया। इसी प्रकार जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल भोजराजसिंह राठौड़ ने कहा कि जैसलमेर, बाड़मेर व जोधपुर जिले में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक व उनकी विधवाएं है। यह क्षेत्र दूर दराज गांवों व ढाणियों में फैला हुआ है तथा गांवों में बैठे पूर्व सैनिकों व उनकी विधवाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं का निराकरण हो तथा उन्हें समय पर लाभ उपलब्ध हो, इसके लिए सेना के उच्चाधिकारी पूरी तरह गंभीर है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि कोर कमाण्डर कार्यालय जोधपुर में एक पेंशनर्स प्रकोष्ठ की अलग से स्थापना की गई है। जिसमें पेंशन विभाग से जुड़े विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहे है। उन्होंने पूर्व सैनिकों के नि:शुल्क उपचार व दवाइयां देने के लिए बनाए गए पूर्व सैनिक अंशदायी मेडिकल योजना ईसीएचएस व अस्पताल में दी जाने वाली चिकित्सा सेवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने शिविर आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए स्थानीय सैन्य छावनी के स्टेशन कमाण्डर व 24 मैक इन्फेन्ट्री के कमान अधिकारी कर्नल एएस राठौड़ का आभार जताया।
शिविर के दौरान पेंशनर्स प्रकोष्ठ के नारायणसिंह उज्जवल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति ने सेना में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी है, तो पेंशन उसका अधिकार है, जो किसी की मेहरबानी नहीं है। ऐसे में पेंशनर को उसका घाटा उठाना पड़ता है।उन्होंने बताया कि सरकार, सेना व पेंशन विभाग की ओर से समय-समय पर बदलते नियमों की जानकारी प्रत्येक पूर्व सैनिक को होनी चाहिए, ताकि उन्हें उसका सही लाभ मिल सके। उन्होंने पूर्व सैनिकों से प्रत्येक माह बैंकों से पेंशन प्राप्त करने के बाद पेंशन स्लीप लेने, उसे संभाल कर रखने व पेंशन विभाग में जाकर उसकी जांच करवाने का आह्वान किया, ताकि पेंशन को लेकर किसी भी तरह की समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके।
Published on:
03 Mar 2017 10:57 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
