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पोकरण फोर्ट, कलात्मक महलों व हवेलियों को देखकर अभिभूत हुए पर्यटक

देशी पर्यटकों के आने से कस्बे में बढ़ी भीड

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पोकरण फोर्ट, कलात्मक महलों व हवेलियों को देखकर अभिभूत हुए पर्यटक

पोकरण फोर्ट, कलात्मक महलों व हवेलियों को देखकर अभिभूत हुए पर्यटक


पोकरण. प्रत्येक वर्ष के अंतिम माह दिसम्बर में क्रिसमस व जनवरी से शुरू होने वाले नववर्ष की पूर्व संध्या पर विश्व विख्यात पर्यटन स्थल स्वर्णनगरी जैसलमेर में पर्यटकों की भीड़ उमडऩे लगती है। इस वर्ष भी शुक्रवार को क्रिसमस व आने वाले पांच दिन बाद वर्ष 2020 की समाप्ति एवं 2021 के आगमन को सेलिब्रेट करने के लिए लोग स्वर्णनगरी जैसलमेर की ओर अपना रुख करने लगे है। गौरतलब है कि जैसलमेर जाने वाले अधिकांश पर्यटक जोधपुर व बीकानेर शहरों से आते है, जो पोकरण कस्बे से होकर गुजरते है। परमाणु परीक्षण के बाद पोकरण की ख्याति विश्वस्तरीय होने के कारण अधिकांश पर्यटक पोकरण कस्बे में रुककर यहां स्थित फोर्ट, कलात्मक हवेलियों, छतरियों व अन्य पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर उनका अवलोकन करते है तथा यहां के चित्र अपने कैमरों में उतारकर पोकरण की यात्रा को यादगार बनाते है। इसी के चलते गत कुछ दिनों से पोकरण में भी देशी विदेशी पर्यटकों की खासी भीड़ उमड़ रही है।
ऐतिहासिक स्थलों का कर रहे है भ्रमण
कस्बे के ऐतिहासिक व कलात्मक फोर्ट को देखने के लिए गत कई दिनों से देशी पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है तथा यहां आने वाले पर्यटक फोर्ट के कलात्मक झरोखों व महलों के साथ यादगार के लिए अपने फोटो खिंचवा रहे है। हालांकि कोरोना संक्रमण की महामारी के कारण गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष भीड़ कम है तथा विदेशी पर्यटकों की आवक पूरी तरह से बंद है, लेकिन देशी पर्यटकों की आवक से यहां चहल पहल अवश्य नजर आ रही है। कस्बे का लाल पत्थर से निर्मित बालागढ़ फोर्ट सैंकड़ों वर्ष पुराना है। यहां कलात्मक महल, मंदिर, अस्तबल, अन्य भवन बने हुए है तथा फोर्ट के ऊपर लगी पुरानी तोपें आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। गत कई दिनों से यहां देशी विदेशी पर्यटकों के आने का सिलसिला जारी है। जिससे यहां खासी रेलमपेल लगी हुई है। ये पर्यटक फोर्ट देखने के बाद कस्बे के मुख्य बाजार गांधी चौक, सालमसागर तालाब, बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज के आश्रम, स्टेशन रोड तथा कस्बे के भीतरी भागों में स्थित कलात्मक हवेलियों को भी देखकर उनके चित्र अपने कैमरे में उतार रहे है। ऐसे में यहां पर्यटकों की भीड़ देखी जा सकती है। ये पर्यटक विशेष रूप से यहां चमड़े से निर्मित कलात्मक वस्तुओं तथा पोकरण की लाल मिट्टी से बने कलात्मक खिलौने व बर्तन भी खरीद रहे है। पर्यटकों के आवागमन से यहां स्थानीय जीनगर समाज के लोगों व कुंभकारों को भी अच्छी आमदनी हो रही है।
देशी पर्यटकों की भीड़
कस्बे में देशी पर्यटकों के आने का सिलसिला गत कई दिनों से जारी है। क्रिसमस व नववर्ष आगमन के मौके पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है। पश्चिमी बंगाल व गुजरात क्षेत्र से आने वाले देशी पर्यटक बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर पोकरण पहुंच रहे है तथा यहां से जैसलमेर के लिए रवाना हो रहे है। यहां आए पर्यटकों ने उत्साह के साथ फोर्ट के कलात्मक महलों, मंदिरों को देखा तथा वे यहां की लाल पत्थर पर महीन खुदाई के साथ बनाई गई कलाकृतियों को देखकर अभिभूत हो गए।