
Video: ‘भौतिकवाद के युग में भी मजबूत नैतिक धरातल पर खड़ा है पत्रिका’
जैसलमेर. भौतिकवादी युग में भी राजस्थान पत्रिका ने अपने उच्च नैतिक मानदंडों से कोई समझौता नहीं किया है। राजस्थान पत्रिका ने करीब सात दशक के अपने सफर में पाठकों को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यह उद्गार राजस्थान पत्रिका के 68 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को आयोजित पत्रिका एजेंट-हॉकर्स सम्मान समारोह में उपस्थित अतिथियों ने व्यक्त किए। यहां सीवी सिंह कॉलोनी स्थित होटल प्रिया में प्रिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजना मेघवाल मुख्य अतिथि की तौर पर मौजूद थीं। कार्यक्रम में अध्यक्षता समाजसेवी, भामाशाह व उद्यमी मयंक भाटिया ने की। कार्यक्रम में राजस्थान पत्रिका के एजेंट्स और हॉकर्स का माल्यार्पण कर व स्मृति चिन्ह भेंट कर अतिथियों ने अभिनंदन किया।
प्रामाणिकता है पत्रिका की विशेषता : अंजना
कार्यक्रम में विचार वक्त करते हुए अंजना मेघवाल ने कहा कि वर्तमान में जब सोशल मीडिया से लेकर जनसंचार के अनेक माध्यम खबरों के संसार में उतरे हुए हैं, ऐसे दौर में भी प्रामाणिक समाचारों और समसामयिक विषयों से लेकर जीवन-दर्शन के गूढ़ मुद्दों पर पत्रिका में प्रकाशित सामग्री पूरी तरह से प्रामाणिक होती है। इस संस्थान ने कभी भी नकारात्मक पत्रकारिता को प्रश्रय नहीं दिया। इसके स्थान पर सकारात्मकता पर बल दिया। जैसलमेर जैसे दूरस्थ गांव-ढाणियों में बसे सीमांत जिले में पत्रिका हमेशा आमजन की समस्याओं को शासन तथा प्रशासन के सामने पूरी बेबाकी से रखता रहा है। साथ ही होने वाले अच्छे कार्यों को भी प्रमुखता से प्रकाशित करता है। राजस्थान पत्रिका की खबरों में तथ्यात्मकता के साथ भाषागत शुद्धता एक बड़ी विशेषता है। अंजना मेघवाल ने सम्मानित होने वाले एजेंट्स व हॉकर्स को बधाई देते हुए कहा कि कोरोना काल में उन्होंने तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए नियमित ढंग से अखबार को घर-घर तक पहुंचाने का कठिन कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। पत्रिका जैसे संस्थान से जुड़े होने का गौरव भी इनके चेहरों पर साफ पढ़ा जा सकता है।
सिद्धांतों पर अटल है पत्रिका : भाटिया
जिले के प्रमुख समाजसेवी मयंक भाटिया ने कहा कि संस्थापक कर्पूरचंद्र कुलिश ने आज से करीब 70 साल पहले ऊंचे हौसलों और अत्यंत सीमित साधनों से राजस्थान पत्रिका नाम का जो पौधा रोपा था, वह आज वटवृक्ष बन गया है। इसके बावजूद पत्रकारिता और जन सरोकारों के सिद्धांतों तथा आदर्शों से पत्रिका कभी नहीं डिगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान पत्रिका के साथ उनका नाता समझ पकडऩे से भी पहले का है। जब से होश संभाला है, राजस्थान पत्रिका को अपने साथ-साथ पाया है। आज से कई दशक पहले जब संचार के कोई साधन नहीं थे, उस दौर में ठेठ सीमांत क्षेत्र की समस्याओं को भी पत्रिका ने प्रशासन के सामने रखा और उनका समाधान करवाकर आमजन को राहत पहुंचाई। भाटिया ने सम्मानित होने वाले एजेंट्स व हॉकर्स से कहा कि वे पत्रिका परिवार का अहम हिस्सा होने के नाते भाग्यशाली हैं। भाटिया ने कहा कि पत्रिका में कभी ऐसी खबर प्रकाशित नहीं होती, जो पत्रकारिता के उच्च आदर्शों को ठेस पहुंचती हो। यही बात राजस्थान पत्रिका को विशिष्ट बनाती है। जिला प्रभारी दीपक व्यास ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। यहां चंद्रशेखर व्यास के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में किशन सोलंकी, विजय वैष्णव और राजस्थान पत्रिका से जुड़े सभी शाखाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
इनका हुआ सम्मान
समारोह में जयसिंघाराम, भवन भारती, श्रवण विश्नोई, पद्मसिंह, महेन्द्रसिंह, प्रेम सुथार, अमीन नागौरी, कालूसिंह, संजय खान, विक्रम माली, गणपतराम आदि को सम्मानित किया गया।
Updated on:
03 Mar 2023 10:13 pm
Published on:
03 Mar 2023 08:19 pm
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