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पांच दशक बाद भी सड़क के विस्तार का इंतजार, बना रहता है भय

- आवागमन में हो रही परेशानी, हादसे का बना रहता है भय

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पांच दशक बाद भी सड़क के विस्तार का इंतजार, बना रहता है भय

पांच दशक बाद भी सड़क के विस्तार का इंतजार, बना रहता है भय

नाचना क्षेत्र के भारेवाला से नाचना होते हुए रामदेवरा तक करीब 5 दशक पूर्व निर्माण करवाई डामर सड़क वर्षों से विस्तार का इंतजार कर रही है। जबकि जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है। जिससे वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि करीब 51 वर्ष पूर्व भारेवाला से नाचना होते हुए रामदेवरा तक 102 किलोमीटर डामर सड़क का निर्माण सीमा सड़क संगठन ग्रिफ की ओर से करवाया गया था। उस समय यातायातभार कम था। इस मार्ग पर सेना के वाहनों का ही दबाव रहता था। ऐसे में इस सड़क को सिंगल ही बनाया गया। समय के साथ वाहनों का दबाव बढ़ता गया और वर्तमान में यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। साथ ही सड़क के दोनों तरफ गांवों में आबादी भी बढ़ गई है। जबकि सड़क का विस्तार व चौड़ीकरण नहीं करवाया गया है। जिसके कारण राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

हर समय रहता है वाहनों का दबाव

नाचना से रामदेवरा तक सड़क के दोनों तरफ करीब दो दर्जन गांव स्थित है और सैंकड़ों लोग निवास करते है। इसके अलावा नोख, मोहनगढ़ व बीकानेर के लिए यह मार्ग कम दूरी होने के कारण लोग यहीं से गुजरते है। ऐसे में दिन-रात राहगीरों व वाहन चालकों का आवागमन रहता है। जबकि इस मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

सेना के वाहनों का रहता है आवागमन

सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सेना के वाहन इसी मार्ग से गुजरते है। सेना के बड़े व भारी वाहनों के एक साथ आने के दौरान सामने बस या किसी वाहन के आने पर जाम की स्थिति हो जाती है। इसी प्रकार दो वाहनों के आमने-सामने आने पर दोनों वाहनों को सड़क से नीचे उतारना पड़ता है। जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है। साथ ही हादसे का भय बना रहता है।

घायलों या मरीजों को समय पर नहीं मिल पाता उपचार

नाचना से रामदेवरा की दूरी करीब 61 किलोमीटर और भारेवाला से नाचना की दूरी 41 किलोमीटर है। सड़क की चौड़ाई कम होने से आमजन को परेशानी से रु-ब-रु होना पड़ता है। सीमावर्ती क्षेत्र में कई बार सड़क हादसे में घायलों या गंभीर बीमारी के मरीजों को अस्पताल ले जाने के दौरान भी परेशानी होती है। यही नहीं बड़े हादसे में गंभीर घायलों को बीकानेर रैफर करने पर भी उन्हें इसी मार्ग से ले जाया जाता है। सड़क की चौड़ाई कम होने से समय भी अधिक लगता है। जिसके कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाता है।

फैक्ट फाइल:-

- 102 किलोमीटर लंबा है सड़क मार्ग

- 51 वर्ष पूर्व ग्रिफ ने करवाया था निर्माण

- 2 दर्जन गांव मार्ग पर है स्थित

चौड़ाई कम होने से हो रही परेशानी

सड़क की चौड़ाई कम होने से राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी होती है। दुर्घटना में घायलों या गंभीर बीमार को समय उपचार भी नहीं मिल पाता है। चौड़ाई कम होने से हर समय हादसे का भी भय रहता है। जिम्मेदारों को इस संबंध में ध्यान देना चाहिए।

- तुलसीदास भार्गव, निवासी नाचना