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31 मार्च तक नर्मदा का पानी देने का दावा, लेकिन साइफन का काम अधूरा

बेरल साइफन सूखने में लगते हैं 15 दिन- विभाग का दावा मार्च के अंत तक देंगे पीने का पानी

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jalorenews

बेरल साइफन सूखने में लगते हैं 15 दिन - विभाग का दावा मार्च के अंत तक देंगे पीने का पानी


चितलवाना. गर्मी के मौसम में लोगों को मार्च अंत तक नर्मदा का पानी उपलब्ध कराने को लेकर विभाग भले ही दावा कर रहा है, लेकिन बाढ़ से टूटी नर्मदा मुख्य नहर पर बन रहे बेरल साइफन का काम अब तक भी पूरा नहीं हो पाया है। जबकि मार्च महीने के आठ दिन ही शेष रह गए हैं। ऐसे में विभाग नर्मदा से पेयजल की सप्लाई कैसे करेगा, इस बारे में पशोपेश की स्थिति बनी हुईहै। गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में क्षेत्र में बाढ़ आने के बाद में नर्मदा मुख्य नहर टूट गई थी। जिसके बाद नहर को ठीक करने में करीब छह माह बीत जाने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। खास बात तो यह है कि नर्मदा मुख्य नहर पर बन रहे बेरल साइफन पर खुदाई के बाद स्टील को बांधकर आठ दिन में तैयार करना होगा। जबकि जानकारों का कहना है कि इसे सीमेंट से भरने के बाद दो सप्ताह सूखने में लग जाएंगे।
यहां बन रहा बेरल साइफन
नर्मदा मुख्य नहर टूटने के बाद बेरल साइफन सीलू सरहद में 6 किमी हेड पर, कोड सरहद में 10 किमी हेड पर, लालपुर सरहद में 15 किमी हेड पर, सिद्धेश्वर सरहद में 20 किमी हेड पर, पालड़ी सरहद में 25 किमी हेड पर व हेमागुड़ा सरहद में 47 किमी हेड पर कार्य चल रहा है। इनमें से एक भी जगह पर कार्य पूरा नहीं किया गया है।
इनका कहना है...
&गर्मी के मौसम में नर्मदा का पानी देने की तैयारी की जा रही है। बेरल साइफन तैयार नहीं होने पर पाइपलाइन के लिए मार्च के अंत तक पेयजल उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
- जेपी माथुर, एक्सईएन, नर्मदा परियोजना, सांचौर

बकाया पेंशन प्रकरण निपटाने के निर्देश
जालोर. जिला स्तरीय पेंशन निस्तारण समिति की त्रौमासिक बैठक जिला कलक्टर बीएल.कोठारी की अध्यक्षता में हुई।इसमें जिले में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित बकाया पेंशन प्रकरणों के त्वरित गति से निपटारे पर चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने कहा कि जिन कार्मिकों के पेंशन प्रकरणों के निस्तारण के मामलों में जटिलता है या समय लगना संभावित है उन मामलों में कार्मिकों को प्रोविजनल पेंशन स्वीकृत की जानी चाहिए।कोषाधिकारी कानाराम प्रजापत को बैठक में निर्देश दिए कि अप्रेल माह की 10 तारीख को बकाया पेंशन प्रकरणों से सम्बन्धित विभागों के लेखाकार या लिपिक को बुलाकर प्रकरणों के निस्तारण की कार्रवाईकी जाएं।पेंशन विभाग जोधपुर के सहायक निदेशक जयराम राठौड़ ने कहा कि वित्त विभाग के निर्देशानुसार सेवानिवृत्ति के 6 माह पूर्व ही पेंशन प्रकरण बनाया जाकर निदेशालय भिजवाया जाना चाहिए। वेतनमान व फिक्सेशन को लेकर भी निर्देशित किया। एएसपी लक्ष्मण दास, जिला शिक्षा अधिकारी रामकृष्ण मीना, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक जे.पी. अरोडा, जिला परिषद के लेखाधिकारी लक्ष्मीनारायण दवे, कलक्ट्री के लेखाकार बाबूलाल सुन्देशा सहित कईअधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।