
- जवाई नहर में तैरता हुआ पहुंचा था शव, परिजनों ने दर्ज करवाया था हत्या का मामला
आहोर. जवाई कमांड क्षेत्र के पादरली सरहद में गोगरा नहर में नग्नावस्था में मिले युवक के शव की मंगलवार को पुलिस ने शिनाख्त कर दी। मृतक के परिजनों ने युवक की शिनाख्त कर उनके गांव के ही तीन नामजद आरोपितों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने यहां जीरो एफआईआर दर्ज कर उसे जांच के लिए सुमेरपुर पुलिस थाने में भेजी है। थाना प्रभारी अभयसिंह ने बताया कि जवाई नहर में नग्नावस्था में मिले युवक की शिनाख्त सुमेरपुर थाना क्षेत्र के नेतरा निवासी दलपत (१८) पुत्र जवानाराम देवासी के रूप में की गई है। मृतक के परिजनों ने मंगलवार सुबह कस्बे के राजकीय अस्पताल पहुंचकर शव की शिनाख्त की। पुलिस ने राजकीय अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द की। मृतक के परिजनों ने गांव के ही तीन नामजद आरोपितों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया है। मृतक के चाचा मालाराम देवासी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसका भतीज मृतक दलपत गांव के नगाराम पुत्र भीमाराम देवासी, सुरेशकुमार पुत्र लाखाराम देवासी व जीपाराम पुत्र पन्नाराम देवासी के साथ गत ११ फरवरी को खेत पर भोजन का टिफिन देने के लिए गया था। रास्ते में उन्होंने उसके भतीज दलपत की हत्या कर उसके कपड़े उतारकर शव को जवाई नहर में फेंक दिया। जिस पर पुलिस की ओर से हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया। गौरतलब है कि सोमवार को सुबह कमांड क्षेत्र के पादरली सरहद में गोगरा नहर में दलपत को नग्नावस्था में तैरता मिला था।
कवराड़ा सरपंच चम्पालाल सेन निलम्बित
- ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के संयुक्त सचिव एवं उपायुक्त जांच ने जारी किया आदेश
- कूटरचित अनापत्ति प्रमाण पत्र देने का मामला
आहोर. ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के संयुक्त सचिव एवं उपायुक्त जांच ने एक आदेश जारी कर पंचायत समिति क्षेत्र के कवराड़ा सरपंच चम्पालाल सेन को निलम्बित कर दिया है। आदेश में बताया कि कवराड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच सेन ने लोकसेवक के पद पर रहते हुए अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर गत ३० मई १९९५ में ग्राम पंचायत के आबादी क्षेत्र में आवंटित उप स्वास्थ्य केन्द्र की भूमि को हड़पने हेतु कुटरचित अनापत्ति प्रमाण पत्र अभियुक्त पारसमल को जारी किया। जिस पर गत १८ अक्टूबर को सरपंच सेन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया तथा २० अक्टूबर २०१७ को उसे गिरफ्तार किया गया। सरपंच सेन ४८ घंटों से ज्यादा करागृह में रहा है। सरपंच का उक्त कृत्य पंचायतीराज अधिनियम १९९४ की धारा ३८ के तहत कर्तव्यों के निर्वहन मेें अवचार व अपकीर्तिकर आचरण की श्रेणी में आता है। जिस पर सरपंच सेन को तुरंत प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। निलम्बन काल में वे पंचायत के किसी कार्य एवं कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे।
आदेश मिला है
कवराड़ा सरपंच के निलम्बन को लेकर ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के संयुक्त सचिव एवं उपायुक्त जांच का आदेश प्राप्त हुआ है। जिसकी शीघ्र पालना की जाएगी।
इन्द्रसिंह राजपुरोहित,
विकास अधिकारी, पंचायत समिति आहोर
Published on:
14 Feb 2018 11:24 am
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