5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तालाब का सौन्दर्यकरण होना तो दूर की बात यहां लोग अभी भी डाल रहे घरों का कचरा

उपखंड मुख्यालय पर प्राइवेट बस स्टैण्ड के समीप स्थित मुख्य तालाब का किया जाना है सौन्दर्यकरण
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जालोर

•

image

Jogesh Lohar

•

Updated: 10 Jan 2018, 11:44 AM IST

Ahore Pond

Dovelopment of Ahore Pond

आहोर. उपखंड मुख्यालय पर प्राइवेट बस स्टैण्ड के समीप स्थित मुख्य तालाब का सौन्दर्यकरण कार्य कछुआ चाल से हो रहा है। आलम यह है कि कई महीनोंं पूर्व सौन्दर्यकरण का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी अभी तक केवल सौन्दर्यकरण के नाम पर आधी-अधूरी चार दीवारी का निर्माण तथा तालाब में फैली झाडिय़ों की कटाई हो पाई है। इसके अलावा तालाब में अभी भी लोगों की ओर से कचरा डाला जा रहा है। देखा जाए तो अभी तक सौन्दर्यकरण के तहत नाममात्र का भी कार्य नहीं हो पाया है। अधिकांश कार्य अभी तक शेष है। पिछले कुछ दिनों से तो कार्य बिल्कुल ही ठप पड़ा है। अब देखना यह है कि तालाब सौन्दर्यकरण का कस्बेवासियों का सुनहरा सपना कब तक साकार हो पाता है, लेकिन ग्राम पंचायत व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता की वजह से यह सपना जल्द साकार होता बिल्कुल नजर नहीं आ रहा है। दरअसल, मुख्य तालाब के सौन्दर्यकरण को लेकर कई महीनों पूर्व मनरेगा के तहत करीब ५० लाख की स्वीकृति जारी की गई थी। जिसके तहत तालाब के चारों ओर चार दीवारी निर्माण, झाडिय़ों की कटाई व सफाई, जमीन का समतलीकरण समेत विभिन्न कार्य किए जाने थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि स्वीकृति जारी हुए तथा सौन्दर्यकरण का कार्य शुरू किए कई महीनोंं का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी अभी तक केवल एक तरफ वो भी नाममात्र की चार दीवारी का ही निर्माण हो पाया है। तालाब के चारों ओर अधिकांश जगह अभी तक चार दीवारी का निर्माण होना शेष है। इसके अलावा अभी तक तालाब में केवल जेसीबी की सहायता से झाडिय़ों की कटाई की गई है। जबकि सफाई तथा समतलीकरण का कार्य अभी तक नहीं हो पाया है।
तालाब में अभी भी डाल रहे कचरा
राज्य सरकार की योजना के तहत मुख्य तालाब का सौन्दर्यकरण किया जाना है। जिसके तहत कार्य भी जारी है। तालाब में एक तरफ चार दीवारी का निर्माण तथा तालाब में उगी झाडिय़ों की कटाई की गई है। लेकिन अभी तक कई लोगों पहले की भांति इस तालाब का कचरा डालने का स्थान बना रखा है। अभी भी कई लोग अपने घरों व दुकानों का कचरा तालाब में डाल रहे है। इसके अलावा यहां आमजन की सुविधा के लिए लंबे समय से मूत्रालय का अभाव होने के कारण लोगों ने नवनिर्मित चार दीवारी के पास तथा तालाब का मूत्रालय का स्थान बना रखा है। जिससे यहां गंदगी का आलम बना हुआ है। लेकिन इस ओर ग्राम पंचायत द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मनरेगा की स्वीकृति से संभव नहीं है...
तालाब सौन्दर्यकरण के लिए मनरेगा के तहत ५० लाख की स्वीकृति जारी हो रखी है। जिसमें श्रम का भी बजट निर्धारित है। लेकिन तालाब में श्रमिकों के कार्य करवाने में बेहद परेशानी हो रही है। अभी तक केवल एक तरफ चार दीवारी का निर्माण तथा झाडिय़ों की कटाई हो पाई है। कई कार्य अभी तक शेष है। सरकार के अन्य बजट तथा भामाशाहों के सहयोग से यह कार्य करवाना संभव होगा। इसके लिए प्रयास किए जा रहे है।
-डॉ.मंजू मेघवाल, सरपंच, ग्राम पंचायत आहोर