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जालोर के 130 करोड़ पर इस बार सरकार की कुंडली

खरीफ व रबी सीजन में किसानों को नाबार्ड की ओर से बैंकों के जरिए वितरित किए जाने वाले ऋण में कटौती की है।

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Vivek Varma

Jun 14, 2016

दिलीप डूडी. जालोर @ पत्रिका.
मौसम की मार से फसल खराब होने और उस पर किसानों का कर्जा माफ किए जाने के चक्कर को लेकर इस बार सरकार भी डर गई है। लिहाजा, खरीफ व रबी सीजन में किसानों को नाबार्ड की ओर से बैंकों के जरिए वितरित किए जाने वाले ऋण में कटौती की है। जालोर जिले के किसानों को खरीफ फसल में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 15 फीसदी और रबी सीजन की फसल में करीब 17 फीसदी ऋण कम वितरित किया जाएगा।
जिलेभर में 87 हजार किसान
नाबार्ड की ओर से वितरित किए जाने वाले इस ऋण से जिले से करीब 87 हजार किसान लाभांवित होते हैं। हर वर्ष इन किसानों को उनकी जमीन के निर्धारण के अनुसार ही ऋण वितरित किया
जाता है।
इस बार इन किसनों को खरीफ की फसल में 350 करोड़ रुपए वितरित करने का लक्ष्य रखा है। जबकि, पिछले वर्ष इन्हीं किसानों को 410 करोड़ रुपए वितरित किए गए थे। इसी प्रकार खरीफ व रबी दोनों सीजन में जिले के किसानों को पिछले वर्ष 780 करोड़ रुपए वितरित किए थे। जबकि, इस वर्ष 650 करोड़ रुपए ही वितरित करने का लक्ष्य तय किया गया है। ऋण निर्धारण कम करने से किसानों को
मुश्किलें होगी।
मौसम का रहता है प्रभाव
दरअसल, नाबार्ड की ओर से वितरिए किए जाने वाले इस ऋण पर मौसम का भी बड़ा प्रभाव है। मौसम का प्रतिकूल असर होने से फसलें खराब हो जाती है। जिस कारण या तो अकाल जैसी स्थिति होने के कारण ऋण माफ करने की नौबत का सामना करना पड़ता है या फिर कई किसान फसलों के खराब होने से समय पर ऋण नहीं चुका पाते। इस कारण बैंकों को भी वसूली में मुश्किलें होती है। किसानों के लिए यह ऋण राहत प्रदान करने वाला रहता है। दरअसल, खेती करने के दौरान राशि मिलने के कारण जुताई, बीज व अन्य सामग्री खरीद में आसानी रहती है।
कम किया है ऋण..
इस बार ऋण का लक्ष्य का कम किया गया है। जिस कारण प्रत्येक किसान को करीब 15 से 20 फीसदी ऋण कम वितरित किया जा सकेगा। यह सरकार स्तर का ही निर्णय है।
- ओमपालसिंह भाटी
प्रबंध निदेशक, सैंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, जालोर

किसानों के ऋण की बात को लेकर मंत्रीजी से भी बात की जाएगी। हम प्रयास कर रहे हैं कि किसी भी प्रकार से किसानों का अहित नहीं हो।
- बजरंगसिंह
जिलाध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा, जालोर