
Diet for Diabetes (photo- gemini ai)
Diet for Diabetes: पूरी दुनिया में बढ़ते मोटापे, फैटी लीवर और टाइप-2 डायबिटीज ने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक मेडिटेरेनियन डाइट को सबसे बेहतर माना जाता था, लेकिन नई रिसर्च ने नॉर्डिक डाइट को एक नए सुपर-वेपन के रूप में पेश किया है। उत्तरी यूरोप (स्कैंडिनेवियाई देशों) की इस पारंपरिक खान-पान शैली ने लीवर और ब्लड शुगर के मैनेजमेंट में क्रांतिकारी परिणाम दिखाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डाइट के सिद्धांतों को अपनाकर भारतीय भी अपनी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को रिवर्स (ठीक) कर सकते हैं।
नॉर्डिक डाइट मुख्य रूप से पौधों पर आधारित (Plant-based) भोजन है। इसमें साबुत अनाज (जौ, ओट्स, राई), ताजे फल (विशेषकर जामुन और बेरीज), जड़ वाली सब्जियां (गाजर, चुकंदर), और ओमेगा-3 युक्त फैटी फिश को प्राथमिकता दी जाती है। इस डाइट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें चीनी और सैचुरेटेड फैट (जैसे मक्खन या डालडा) का उपयोग न के बराबर होता है।
जब हम कुछ खाते हैं, तो हमारा शरीर उसे शुगर (ग्लूकोज) में बदल देता है। इस शुगर को शरीर की कोशिकाओं (Cells) तक पहुंचाने के लिए पैनक्रियाज नाम का अंग इंसुलिन (Insulin) हार्मोन बनाता है। इंसुलिन एक चाबी की तरह काम करता है जो कोशिकाओं के दरवाजे खोलता है ताकि शुगर अंदर जाकर शरीर को ऊर्जा (Energy) दे सके। टाइप-2 डायबिटीज में दो चीजें होती हैं। पहला इंसुलिन रेजिस्टेंस और दूसरा इंसुलिन की कमी।
उम्र 35 से अधिक है तो साल में कम से कम एक बार HbA1c या Fasting Blood Sugar की जांच जरूर करवाएं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। नॉर्डिक डाइट केवल वजन घटाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारे अंगों (विशेषकर लीवर और पैनक्रियाज) को स्वस्थ रखने की एक विज्ञान-सम्मत पद्धति है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
21 Jan 2026 05:39 pm
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