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जालोर: देखिए नगरपरिषद में चल रही मनमर्जी, मनमर्जी से जारी हो रहे पट्टे

नगरपरिषद में पट्टों का खेल, आयुक्त शिकेश कांकरिया के ज्वाइन करने के बावजूद तत्कालीन आयुक्त व सभापति ने जारी कर दिए पट्टे

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Jalore: Look at the Mamnarji and Manmargi in the Municipal Council

जालोर. नगरपरिषद में फर्जी और नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने का मामला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। यहां एक के बाद एक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से रसूखदारों को नियम विरुद्ध पट्टे जारी किए जा रहे हैं, लेकिन मध्यम वर्गीय और गरीब तबके के लोग पट्टे बनवाने के लिए नगर परिषद के चक्कर काट रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला हाल ही में जालोर नगरपरिषद में सामने आया है। यहां तत्कालीन आयुक्त सौरभकुमार जिंदल को एपीओ करने के बाद नए आयुक्त शिकेश कांकरिया ने ज्वाइनिंग तो कर ली, लेकिन उनकी ज्वाइनिंग के बावजूद तत्कालीन आयुक्त ने तीन जनों को हाथों हाथ पट्टे जारी कर दिए। उनकी ओर से जारी इन पट्टों पर सभापति भंवरलाल माली ने भी हस्ताक्षर किए हैं। ऐसे में चोरी छिपे ये पट्टे जारी करने के पीछे वजह क्या रही होगी। इस बारे में कोई कुछ बताने को तैयार तक नहीं है। यहां ज्वाइनिंग करने पहुंचे नए आयुक्त को भी इस बारे में तब पता लगा, जब उन्होंने पट्टा रजिस्टर की जांच की। वहीं पत्रिका ने जब उन्हें इस खेल के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि जो भी पट्टे जारी हुए हैं वे उनकी ज्वाइनिंग के बाद हुए हैं, लेकिन उन पर उनके हस्ताक्षर हैं ही नहीं। ऐसे में वे इन पट्टों को लेकर डीएलबी के आला अधिकारियों से मार्गदर्शन लेंगे। ताकि इस मामले में उचित कार्रवाई की जा सके।
इन तीन जनों को जारी किए थे पट्टे
तत्कालीन आयुक्त जिंदल की ओर से नए आयुक्त कांकरिया की ज्वाइनिंग के बावजूद तीन जनों को पटटे जारी कर दिए। इसमें ऊपरकोटा निवासी अल्ताफ खां पुत्र फतेह मोहम्मद, बड़ी पोल बापू नगर निवासी संतोष कंवर पत्नी मांगूसिंह व एफसीआई कॉलोनी में नगरपरिषद की ओर से की गई नीलामी के खरीदार अम्बालाल पुत्र आसुलाल के नाम से जारी पट्टे शामिल है।
इसलिए लिया था स्टे
मौजूदा समय में जालोर नगरपरिषद में कार्यरत आयुक्त शिकेश कांकरिया जालोर में स्थानांतरण के बाद अपने परिवार सहित जालोर में शिफ्ट हो गए थे। उनके पिता को दिल की बीमारी है और माता भी गम्भीर बीमारी से ग्रसित हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी का भी स्थानांतरण जालोर में हो चुका था। इससे पहले चार बार डीएलबी ने उनका स्थानांतरण किया था। ऐसे में परिवार को यहां शिफ्ट कर देने और माता-पिता सहित पत्नी की तबीयत भी सही नहीं होने के कारण उन्होंने कोर्ट से डीएलबी के आदेश पर स्थगन लिया था।
इस तरह चला पट्टों का खेल
डीएलबी की ओर से जारी निर्देशों के तहत जालोर नगरपरिषद के गत १६ फरवरी को आयुक्त शिकेश कांकरिया ने ज्वाइनिंग की थी। वहीं यहां कार्यरत आयुक्त सौरभकुमार जिंदल को एपीओ कर उनका मुख्यालय जयपुर किया गया था। इसके बाद डीएलबी ने फिर से एक स्थानांतरण आदेश जारी कर आयुक्त कांकरिया का स्थानांतरण फिर से छापर नगरपालिका के लिए कर दिया गया। वहीं एपीओ हुए सौरभकुमार जिंदल को जालोर लगा दिया गया। इस आदेश पर आयुक्त कांकरिया ने कोर्ट से २२ फरवरी को स्टे लिया और इसके अगले ही दिन २३ फरवरी को कांकरिया ने दोबारा जालोर नगरपरिषद में ज्वाइन कर ली थी। इसी दिन तत्कालीन आयुक्त जिंदल व सभापति ने तीन जनों को पट्टे जारी कर दिए।

लेंगे मार्गदर्शन
&डीएलबी की ओर से स्थानांतरण आदेश रद्द करने पर मैंने कोर्ट से गत २२ फरवरी को स्थगन आदेश प्राप्त किया था। इसके अगले ही दिन २३ फरवरी को मैंने जालोर में ज्वाइनिंग कर ली थी, लेकिन २३ फरवरी को तत्कालीन आयुक्त और सभापति के हस्ताक्षरयुक्त तीन पट्टे जारी हुए हंै जो नियमविरुद्ध हैं। इस बारे में डीएलबी के उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- शिकेश कांकरिया, आयुक्त, नगरपरिषद, जालोर