इसलिए बनाया था अकाउंट
पूर्व जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्रकुमार सोनी ने जालोर को स्वच्छ, सुंदर, नशामुक्त समेत अन्य अभियान चलाने के लिए जबरो जालोर नामक अभियान शुरू किया था। आमजन व भामाशाहों से इस अभियान में सहयोग लेने के लिए उन्होंने जबरो जालोर नाम से एसबीबीजे में एक खाता भी खुलवाया था। जिसमें दानदाताओं की ओर से राशि जमा करवाई जाती थी। जिसे विकास के रूप में खर्च किया जाता था, लेकिन फरवरी माह में जिला कलक्टर सोनी का स्थानांतरण हो गया। ऐसे में उस अकाउंट को बंद करना पड़ा, लेकिन उसमें पड़ी धनराशि का लेखा-जोखा पेश नहीं किया गया। उसके बाद भी दो चेक आए, जिसे जालोर विकास समिति में जमा करवाया गया।
एक चेक भी किया है जमा
जबरो जालोर का अकाउंट बंद होने के बाद भी एक अकाउंट इस खाते के नाम पर आया। खाता बंद होने के कारण बैंक ने जमा करने से मना कर दिया। जिसके बाद उस चेक को जालोर विकास समिति के अकाउंट में जमा करवाया गया।
यह है जालोर विकास समिति
जानकारी के मुताबिक वर्ष-2001 में तत्कालीन जिला कलक्टर व शहरवासियों ने मिलकर जालोर विकास समिति बनाई थी। जिसके माध्यम से शहर में विकास व सौंदर्यकरण के कार्य करवाए गए। इस समिति का अध्यक्ष कलक्टर को ही बनाया हुआ है। शहर में विभिन्न आयोजन इस समिति के माध्यम से करवाए जाते रहे हैं।
इनका कहना है...
हां, स्थानांतरण होते ही कलक्टर साहब ने जबरो जालोर नाम का अकाउंट बंद कर उसे जालोर विकास समिति में ट्रांसफर कर दिया है। आशाराम डूडी, एडीएम, जालोर
उस अकाउंट को समिति में ट्रांसफर नहीं किया है। हां, हमारे पास जिला कलक्टर के माध्यम से एक चेक जरूर आया है। उस पैसे का उपयोग भी जिला कलक्टर के मार्गदर्शन में ही किया जाएगा। मोहन पाराशर, सचिव,जालोर विकास समिति, जालोर