
आहोर. सीएचसी में चिकित्सक की ओर से अभद्र व्यवहार व हर कार्य में टोकने केे विरोध में कार्य का बहिष्कार कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते सीएचसी व नर्सिंग स्टाफ। पत्रिका
आहोर. उपखंड मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी डीजीओ डॉ. चम्पालाल के कार्य व्यवहार से नाराज अस्पताल व नर्सिंग स्टाफ ने गुरुवार को कार्य का बहिष्कार कर अस्पताल परिसर में धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। जिस पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित कार्मिकों से समझाइश का प्रयास किया। उचित कार्रवाई के आश्वासन व समझाइश के बाद आक्रोशित कार्मिक शांत हुए। इसको लेकर कार्मिकों ने बीसीएमओ के माध्यम से सीएमएचओ को ज्ञापन भी दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी डीजीओ की ओर से अभद्र व्यवहार व हर कार्य में टोकने को लेकर अस्पताल व नर्सिंग स्टाफ ने करीब दो घंटे तक कार्य का बहिष्कार व अस्पताल परिसर में धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर सीएमएचओ डॉ. गजेन्द्रसिंह देवल, एसडीएम मासिंगाराम जांगिड़, बीसीएमओ डॉ. वीरेन्द्र हमथानी, पूर्व विधायक शंकरसिंह राजपुरोहित, कांग्रेस नेता सवाराम पटेल, राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गोविंदसिंह मंडलावत, राजस्थान राज्य नर्सिंग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष वीरमाराम राणा व ब्लॉक अध्यक्ष भंवरसिंह नारनाड़ी ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित कार्मिकोंं से समझाइश का प्रयास किया। उचित कार्रवाई के आश्वासन व समझाइश के बाद आक्रोशित कार्मिक शांत हुए। इस मौके बाबूलाल बावल, अन्नाराम देवासी, कैलाश्र वैष्णव, अरिवंद जोशी, संजय सोनी, लाभशंकर, हनवंतसिंह, नरेन्द्रकुमार, देवेन्द्रसिंह, रमेशकुमार व दलपत समेत कई कार्मिक मौजूद थे।
कार्मिकों ने सौंपा ज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी डीजीओ की ओर से अभद्र व्यवहार व हर कार्य में टोकने को लेकर अस्पताल व नर्सिंग स्टाफ ने कार्य का बहिष्कार व धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं उचित कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पिछले पांच-छह माह से डॉ. चम्पालाल के कार्यग्रहण करने के उपरांत उनके कार्य व्यवहार के कारण स्टाफ को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। कार्मिकों ने बताया कि चिकित्सक की ओर से लेबर रूम में कार्यरत महिला स्टाफ के कार्य में निरंतर असंतुष्टि जाहिर करना, उनके विरूद्ध अनावश्यक प्रभारी पर दबाव बनाकर नोटिस जारी करवाना और कार्मिकों को मानसिक प्रताडि़त करने, प्रभारी व अन्य स्टाफ के उपस्थिति रजिस्टर में कार्मिक के उपस्थित होने पर भी हस्ताक्षर पर गोला लगाने, फील्ड में जाने वाले कार्मिकों को अभद्र व्यवहार करके मानसिक प्रताडि़त करने से समस्याएं हो रही हैं।
Published on:
29 Jan 2021 09:29 am

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