
अब जालोर के 396 गांव व 985 ढाणियों तक पहुंचेगी नर्मदा
जालोर.फ्लोराइड व लवणीय पानी पीने को मजबूर जिले के 306 गांव व 985 ढाणियों के बाशिन्दों को अब इस समस्या से छुटकारा मिलेगी। ईआर प्रोजेक्ट से जलजीवन मिशन के तहत गांव-ढाणियों के बाशिन्दों को अमृत के समान नर्मदा का नीर पहुंचेगा। योजना के तहत 1 लाख 13 हजार कनेक्शन दिए जाएंगे। करीब 800 किलोमीटर पाइप पहुंच गए है। साथ ही 28 उच्च जलाश्यों का निर्माण चल रहा है। इनमें सांचौर विधानसभा क्षेत्र के 158, रानीवाड़ा विधानसभा के 28, भीनमाल के 77, जालोर के 21 और आहोर विधानसभा के 22 गांव शामिल है। योजना पर 833 करोड रुपए स्वीकृत हुए है। कंपनी की ओर से इसको लेकर कार्य शुरू कर दिया है। ऐसे में आगामी दो साल में क्षेत्र में पेयजल की ज्वलंत समस्या झेल रहे ग्रामीणों को इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।
ये गांव झेल रहे है गंभीर पेयजल संकट
जिले के अधिकांश गांवों में नर्मदा का नीर पहुचा है, लेकिन ईआर प्रोजेक्ट से जुड़े 306 गांव व 985 ढाणियों के बाशिन्दें नर्मदा के नीर से वंचित है। इन गांवों के ग्रामीणों के सामने पेयजल की गंभीर समस्या है। सरकार की जलजीवन मिशन योजना के तहत 833 करोड में इन गांवों में घर-घर नल के द्वारा पानी पहुंचेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना में पहले 308 गांव व 1058 ढाणियों जुड़ी हुई थी, लेकिन 2 गांव व 63 ढाणियों में एफआर व डीआर प्रोजेक्ट के तहत पानी पहुंच गया है। जिलेभर में नर्मदा का पानी पहुंचाने के लिए एफआर, डीआर व ईआर तीन प्रोजेक्ट बने हुए है। दो प्रोजेक्ट के तहत जिला मुख्यालय सहित आहोर विधानसभा, सायला व बागोड़ा क्षेत्र में पानी पहुंच चुका है। डीआर प्रोजेक्ट के तहत सांचौर व रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र भी नर्मदा का पानी पहुंच चुका है।
यह है प्रोजेक्ट
ईआर कलस्टर योजना के तहत 833 करोड में इन गांव व ढाणियों में पानी पहुंचेगा। इसके लिए 145 उच्च जलाशय का निर्माण होगा। 20 शुद्ध जलाश्य बनेंगे एवं 9 हजार 718 किलोमीटर पाइप लाइन बिछेगी। इसके लिए 28 उच्च जलाश्यों का निर्माण चल रहा है। बीस गांवों में पाइप लाइन बिछाई जा रही है। पंप के माध्यम से पानी पहुंचाने के लिए अगड़ावा, चितलवाना, खासरवी, पालड़ी, खारा, चौरा, चाटवाड़ा, भीनमाल, भागलसेप्टा, मोदरान, मुंथलाकाबा, मुडतरासिली, रामसीन, सुमेरगढ़, भेटाला व नारणावास गांव में पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
------------------
ईआर प्रोजेक्ट के तहत 833 करोड़ की स्वीकृति मिली है। कंपनी की ओर से दो साल में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
- हरिराम चौधरी, अधिशाषी अभियंता, नर्मदा प्रोजेक्ट-भीनमाल
Published on:
02 Dec 2022 09:09 am

बड़ी खबरें
View Allजालोर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
