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सर्वज्ञ और सर्वोच्च, आत्मा का पिता परमात्मा है

पुलिस लाइन सभागार में सात दिवसीय कार्यक्रम के तहत प्रेरक उद्बोधन

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सर्वज्ञ और सर्वोच्च, आत्मा का पिता परमात्मा है

सर्वज्ञ और सर्वोच्च, आत्मा का पिता परमात्मा है

जालोर। रिजर्व पुलिस लाइन { Reserve Police Line } परिसर जालोर सभागार में आयोजित राजयोग शिविर [ Raja Yoga Camp ] के दूसरे दिन उपस्थित पुलिस अधिकारीग, जवानों एवं महिला पुलिस को संबोधित करते हुए मोटिवेशनल स्पीकर ब्रह्माकुमारी अनीता ने कहा कि जो सर्वमान्य है, सर्वोच्च है, सर्वज्ञ है, अनंत गुणों का सागर है। उसे आत्मा का पिता परमात्मा [ the father of the soul god ] कहते हैं। परमात्मा सदा कल्याणकारी है, किसी के कर्मों में हस्तक्षेप नहीं करता है। सदा सत्य चित आनंद स्वरूप है। दुखहर्ता, सुखकर्ता, पत्थर बुद्धि को पारस बुद्धि बनाने वाला, शांति दाता, जीवन नैया को पार लगाने वाला, मनुष्य सृष्टि के बीज रूप एवं सृष्टि के आदि मध्य अंत का ज्ञाता है। ईश्वर ही जीवन रूपी भवन का फाउंडेशन है। परमात्मा 7 गुणों का सागर है। पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश प्रकृति के पांच तत्व है।
प्रकृति कोपीत भी होती है। इसलिए प्रकृति को ईश्वर कहना उचित नहीं है। अमरनाथ अमर आत्माओं का पिता है। पशुपतिनाथ पाश्विक वृत्ति ने पांच विकार (काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार) को खत्म करने वाला, सोमनाथ अमृत पिलाने वाला है। परमात्मा किसी के कर्मों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं। कर्म फल स्वयं को ही भोगना पड़ता है। व्यक्ति द्वारा अभी-अभी कर्म किया, अभी फल मिल जाता है। लेकिन संचित कर्म वह होते हैं, जो पूर्व जन्मों से चले आ रहे होते हैं। कई बार ऐसा पाया जाता है कि एक दुराचारी व्यक्ति अपना जीवन मौज से जीता है, लेकिन उसके जब अच्छे कर्म का खाता समाप्त हो जाता है। तब उस दुराचारी व्यक्ति को दंड भोगना पड़ता है। मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी अनीता ने कहा कि चंबल घाटी में अत्याचार करने वाले कुख्यात पंचम सिंह डाकू को तिहाड़ जेल में राजयोग शिविर से आत्मज्ञान मिलने से उसके जीवन में एकदम बदलाव आ गया और ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़ गया। वह वर्तमान में आनंददायक जीवन जी रहा है। पंचम सिंह की पुत्री भी ब्रह्माकुमारी बन गई। अंत में 5 मिनट का सभी उपस्थित जन को कॉमेंट्री से मेडिटेशन का अभ्यास कराया। तनाव मुक्त जीवन के शिविर के दूसरे दिन नरेंद्र पंवार, रेवत सिंह, बीके रंजू, डॉ बीके नरेश अग्रवाल, इंजीनियर बीएल सुथार, उगम सिंह, बीके ललित, बीके संतोष समेत कई जने मौजूद रहे।

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