
Salary of Gramswvak
जीवाणा. जिले के सात ग्राम पंचायतों के ग्राम सेवक महज 3500 रुपए की तनख्वाह पर नौकरी कर रहे है। ये सातों ग्राम सेवक आगामी 30 सितम्बर को सेवानिवृत्त भी हो जाएंगे।इन ग्रामसेवकों की माने तो उन्हें महज 3500 रुपए ही सैलरी मिल रही है। इसके अलावा किसी तरह का भत्ता या अन्य भुगतान नहीं किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार जिले मेंं इन 7 ग्राम सेवक 1979 में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में 4200 मूल वेतन के साथ एलडीसी पद पर कार्यरत रहे। 2001 में डीआरडीओ ने उक्त पदों को समाप्त कर दिया।इसके बाद इन कार्मिकों को पंचायती राज विभाग ने चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्त किया। इसके बाद वर्ष 2002 में इन सातों कार्मिकों को ग्राम सेवक का प्रभार दिया गया।
2002 से पंचायतीराज विभाग में कार्यरत
जिले के 7 ग्राम सेवक 2002 के बाद पंचायतीराज विभाग में ग्राम सेवक के पद पर कार्यरत है। इन्हें अब भी महज 3500 रुपए ही सैलरी मिल रही है। ये सभी ग्रामसेवक आगामी 30 सितम्बर को सेवानिवृत हो रहे है।
सरकार से लगा चुके है गुहार
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में कार्यरत इन सात लिपिकों के पद समाप्त कर पंचायतीराज में चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्त किया और इसके बाद इन्हें ग्रामसेवकों का प्रभार सौंपा गया। इस तरह सरकारी ड्यूटी करने के बावजूद इनकी तनख्वाह बढ़ाने के बजाय घटती गई। जिससे अब सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन से भी गुजारा नहीं हो पाएगा। जिले के इन सातों ग्राम सेवको को अन्य ग्राम सेवको के अनुरूप वेतन भत्ता नहीं मिलने को लेकर कई बार सरकार से मांग की है, मगर उनकी सुनवाई नहीं हो पाई है।
हमें मिले सब लाभ
हम जिले के 7 ग्राम सेवक इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे है। लेकिन हमें महज साढ़े तीन हजार रुपए ही सैलरी मिल रही है। हमें अन्य ग्राम सेवको की तरह कोई भत्ते नहीं मिल रहे है। जबकि हम अन्य ग्राम सेवको की तरह कार्य करते आ रहे है। सरकार इस पर सकारात्मक कदम उठाकर अन्य ग्राम सेवकों की तरह हमें भी वेतन भत्ते का लाभ प्रदान करे।
-अमराराम जोशी, ग्राम सेवक
राज्य सरकार के निर्देशानुसार इनको अन्य लाभ प्रदान किया जाएगा।
-हरिराम मीणा, सीईओ जिला परिषद जालोर
Published on:
22 Sept 2017 12:13 pm
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