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बोरली में मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव कल से

होंगे विभिन्न धार्मिक आयोजन, लियादरा में दानदाताओं का हुआ बहुमान

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Temple Festival

Temple Festival in Borli from tomorrow

चितलवाना. क्षेत्र के बोरली गांव में आशापुरा माता मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर पूरे गांव को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। आगामी 10 से 17 फरवरी तक होने वाले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में देशभर से संत माहत्मा व श्रद्धालु हिस्सा लेंगे।
महोत्सव के तहत आशापुरा माता, सरस्वती माता, महालक्ष्मी, गणपतिव कामधेनु गोमाता के मंदिर की प्रतिष्ठा होगी। इसको लेकर शनिवार से सात दिन तक कथावाचक रामप्रसाद की ओर से भागवत कथा का वाचन किया जाएगा।
प्रतिष्ठा महोत्सव में परमहंस परिव्राजकाचार्य अनंत, ज्योतिष पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी दत्तशरणानंद, तुलसाराम महाराज आसोतरा, दयाराम महाराज शिकारपुराधाम, स्वामी देवानंद सरस्वती, महंत नारायणगिरी दूधेश्वर पीठाधीश्वर गाजियाबाद, राजाराम महाराज, कृपाराम महाराजव संत नागरवन सहित देशभर से साधु संत हिस्सा लेंगे।
यह होंगे मुख्य कार्यक्रम
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पहले दिन 10 फरवरी को सुबह 10 बजे कलश यात्रा निकाली जाएगी। वहीं 13 फरवरी को सुबह 10 बजे जल यात्रा व ग्राम परिक्रमा, 16 फरवरी को शाम 4 बजे स्वजातीय बंधुओं का सम्मान, 17 फरवरी सुबह 8 बजे से फले चूंदड़ी व प्राण प्रतिष्ठा होगी।
संतों के सान्निध्य में हुआ सम्मान
ग्रामीणों ने दानदाताओं को स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
चितलवाना. लियादरा गांव में विश्नोई समाज के आराध्य गुरु भगवान जम्भेश्वर के नवनिर्मित मंदिर के प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान पहुंचे भामाशाहों को ग्रामीणों की ओर से स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। प्रतिष्ठा महोत्सव में शिखर कलश चढ़ाने वाले भामाशाहों को संतों के सान्निध्य में ग्रामीणों की ओर से स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान ग्रामीणों ने भामाशाहों का आभार जताते हुए मंदिर में सफाई, पांडाल, कथा स्थल पर विशेष व्यवस्था को लेकर सहयोग किया। इस मौके भामाशाह पूर्व विधायक हीरालाल विश्नोई, पूर्व सरपंच खंगाराराम खिलेरी, पूनमाराम साऊ, राणाराम सियाक, भगवानाराम पूनिया, लाखाराम मांजू, रामलाल मांजू, सुनील गोदारा, पूखराज कुराड़ा, जयराम मांजू, किशनलाल गोदारा, चनणाराम गोदारा, सदराम सियाक, भागीरथ कुराड़ा, कालूराम खिलेरी, मांगीलाल सियाक, बाबूलाल सियाक, राकेश खोखर व किशनाराम साऊ सहित कई भामाशाह मौजूद थे।